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प्रयागराज में गंगा और यमुना में उफान जारी, जलस्तर बढ़ने से नदियों का प्रवाह बदला

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। प्रयाग में गंगा और यमुना के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के दौरान 33 और 34 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले सप्ताह से उत्तराखंड में हो रही बारिश का असर और कानपुर बैराज से इस मौसम में सबसे अधिक पानी छोड़ा गया है। संगम क्षेत्र में पानी का बढ़ने के कारण संगम नोज का मार्ग लबालब हो चुका है। जलस्तर बढ़ने के साथ दोनो नदियों का प्रवाह भी बदल रहा है। प्रवाह बदलने से संगम का स्थान एक सप्ताह में दूसरी बार बदला है।
अब गंगा किला के पास पहुंच गई है। यमुना का प्रवाह बदला तो संगम का स्थान बदल गया। एक सप्ताह पहले यमुना प्रभावी थी और इस समय गंगा का प्रवाह हावी है। गंगा के प्रवाह में यमुना का प्रवाह बदल गया है। संगम नोज पर अब गंगा का कब्जा हो गया है। तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि यह सब गंगा मइया की महिमा है कि यमुना से अधिक गंगा का प्रवाह हावी हो रहा है।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि आगे टोंस का व्यवधान नहीं होने के कारण बैराजों से गंगा में छोडा जा रहा पानी तेजी से आगे निकलता जा रहा है। संगम के दारागंज से छतनाग की तरफ खिसकने का कारण गंगा के प्रवाह में तेजी है। उन्होने बताया कि शुक्रवार को 12 बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.95 मीटर, छतनाग 76.39 मीटर और यमुना 76.94 मीटर दर्ज किया गया है। जबकि गुरूवार को 12 बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.86 मीटर, छतनाग 76.06 मीटर और यमुना 76.60 मीटर दर्ज किया गया है। । खतरे का निशान 84.73 मीटर हैं। दोनो नदियां खतरे के निशान से बहुत नीचे बह रही है लेकिन जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है।
एनडीआरएफ की टीमें तटीय इलाकों में लगातार जायजा ले रही हैं। गोताखोर संगम से फाफामऊ तक बराबर चक्रमण कर रहे हैं। एक निर्धारित सीमा के आगे जाने से स्नानार्थियों को मनाही कर दिया गया है। वहां पर जल पुलिस का चौकस पहरा है। यदि कोई स्नानाथीर् सीमा लांघने का प्रयास करता है तो उसे वहीं से वापस लौटा दिया जा रहा है।

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