ताज़ियादारी की इजाज़त मिलते ही बढ़ी मजलिसों में रौनक़

मौलाना कल्बे जव्वाद के धरना देने के बाद नई गाईड लाईन आते ही घरों में हो रही अज़ादारी की मजलिसों में रौनक़ देखने को मिली।जहाँ मात्र पाँच लोगों को ही मजलिस में शामिल होने की पाबन्दी लगी थी । वहीं घरों व इमामबाड़ों में ताज़िये रखने और सोशल डिस्टेन्सिंग की नई गाईड लाईन जारी होने के बाद मजलिसों मे अब लोग पहुच रहे हैं। शहर में लगे दो दिन के साप्ताहिक लॉकडाउन के कारण लोग कम संख्या में मजलिसों में शामिल हुए । चक स्थित इमामबाड़ा डिप्यूटी ज़ाहिद हुसैन व इमामबाड़ा सैय्यद मियाँ घंटाघर मे माहे मोहर्रम की तीसरी को भी ऑनलाईन ही मजलिस हुई जहाँ से ओलमाओं की तक़रीर का ज़ूम ऐप और फेसबुक के ज़रीये लाईव प्रसारण किया गया। वहीं पान दरीबा स्थित इमामबाड़ा मिर्ज़ा हिमायत हुसैन व इमामबाड़ा मिर्ज़ा वाजिद हुसैन में सोशल डिस्टेन्सिंग के साथ मजलिस हुई।मिर्ज़ा बाबर,मिर्ज़ा इक़बाल हुसैन व मुर्तुज़ा अली बेग ने ग़मगीन मर्सियाख्वानी से मजलिस का आग़ाज़ किया।ज़ाकिर ए अहलेबैत हसन अली ने मजलिस को खिताब करते हुए करबला की दर्द भरी दास्ताँ सुनाई तो अज़ादारों की आँखे अश्कबार हो गईं।अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया के प्रवक्ता सै०मो०अस्करी के मुताबिक़ मजलिस मे शामिल होने वालों के हाँथों के सैनिटाईज़ करने के साथ मास्क लगाने के बाद ही फर्शे अज़ा पर जाने दिया गया।मजलिस में अलमास हसन,ज़ामिन हसन,सै०मो०अस्करी,सुहैल,शमशाद,मुन्ना,माहे आलम,मुस्तफा अली बेग आदि मौजूद रहे।
इनसेट स्टोरी….
राममूर्ति गुप्ता का परिवार भी अज़ादारों में शामिल
चौक लोकनाथ स्थित गुड़ मण्डी में सैकड़ों वर्षों से राममूर्ति गुप्ता
का परिवार आज भी अज़ादारी के फर्ज़ को अन्जाम देने मे लगा हुआ है। गुड़मण्डी की संकरी गलियों मे स्व राममूर्ति गुप्ता की तीसरी पीढ़ी के अरविन्द गुप्ता और उनके बड़े भाई आनन्द गुप्ता रहते हैं जो मोहर्रम के चाँद होने के बाद से इमामबाड़े में साफ सफाई का पुरा ध्यान रखते हुए अलम सजा कर अज़ादारों के मजलिस मे पहोँचने तक सारे काम काज छोड़ कर डटे रहते है।आनन्द गुप्ता ने बताया की उनके बाबा स्व राममूर्ति गुप्ता ने सैकड़ों वर्ष पूर्व से यहाँ माहे मोहर्रम के दस दिनों की मजलिस की शुरुआत की थी।उनके देहान्त के बाद पिता विनोद गुप्ता भी उसी एहतेराम के साथ मजलिस आयोजित करते थे।उनकी उम्र बढ़ने पर अब उनकी औलादों ने मजलिस कराने का ज़िम्मा सम्भाल रखा है।विनोद गुप्ता के छै बेटे हैं।सभी अज़ादारी और अलम सजाने से लेकर तबर्ररुख बाँटने में शामिल रहते हैं ।आनन्द गुप्ता के अनुसार मजलिस की ज़िम्मेदारी उन्होने कलकत्ता मे रहने वाले प्रयागराज रानी मण्डी के नवाब अरशद हुसैन को दे रखी है जो प्रत्येक वर्ष मोहर्रम के चाँद दिखने पर प्रयागराज आ जाते हैं । वही मजलिस भी पढ़ते हैं।और वहीं लोगों को लेकर मजलिस मे शामिल करने का आहृवान भी करते हैं।




