राष्ट्र धर्म का सभी करें पालन: कहा- देशहित में चीन में बने समानों का सभी करें बहिष्कार

ओम नमः शिवाय संस्था के गुरुदेव ने गुरू पूर्णिमा पर शिष्यों को दिलाया संकल्प
कहा- देशहित में चीन में बने समानों का सभी करें बहिष्कार
समस्याओं के निवारण और
मनोकामनाओ के पूर्ण होने के लिये करें भगवान शिव की पूजा
प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार) । ओम नमः शिवाय संस्था के पूज्य गुरुदेव ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शिष्यों को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे बडा धर्म राष्ट्र धर्म होता है जब राष्ट्र ही नही होगा तो किसी का भी अस्तित्व नही होगा ऐसे में सभी लोग राष्ट की मजबूती और उसकी सुरक्षा का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से सीमा पर चीन ने अराजकता फैला रखी है।
गलवान घाटी में अचानक हमला करके हमारे 20 जवानों को धोखे से मार दिया और कई घायल हो गये।
वह अन्य दूसरे पडोसी देशों को भारत के खिलाफ भडका रहा है। ऐसे में जहा सेना के जवान चीन को सीमा पर मुंहतोड जवाब दे रहे है वही आज सबसे ज्यादा जरूरत है कि हम लोग भी आगे बढकर
सेना का साथ दें। गुरूदेव ने सभी शिष्यों को संकल्प दिलाया कि वह लोग चीन के बने हुए सामानों का सामूहिक रूप से बहिष्कार करें और किसी भी कीमत पर न खरीदें। इससे चीन की आर्थिक स्थिति और खराब होगी।
जिससे वह आने वाले समय में और कमजोर होगा। यह बातें ओम नमः शिवाय संस्था प्रयागराज के पूज्य गुरुदेव ने प्रयागराज के ईसीसी के पीछे गऊघाट स्थित आश्रम में गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम के दौरान गुरूवार को श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही। सबसे पहले आश्रम में माता पार्वती द्वारा भगवान शिव का विधि विधान से पूजन हुआ।
पूज्य गुरुदेव ने भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन किया। भक्तों ने पूज्य गुरूदेव का पूजन किया।
उसके बाद भगवान शिव की लीला पर आधारित कार्यक्रम आश्रम की स्वयं सेविकाओ ने प्रस्तुत किया। गुरूदेव ने भक्तों को मातृभूमि की रक्षा का संकल्प दिलवाया।
उन्होंने कहा कि दुश्मनों से हमेशा सावधान रहना चाहिये। वह कब और कहा, किन परिस्थितियों में हमला कर दें । गुरुदेव ने गुरू- शिष्य परंपरा और गुरू पूर्णिमा कार्यक्रम पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह परंपरा सनातन काल से चली आ रही है।
आज हम भी उसी गुरू-शिष्य परंपरा को बढा रहे है। उन्होंने भगवान शिव के महाकाल, बैधनाथ सहित अन्य स्वरूपों का विस्तार से वर्णन करते हुए उसको विश्व कल्याण का स्वरूप बताया। कहा कि भगवान शिव आज ही के दिन धरती पर अवघणदानी के रुप में अवतरित हुए थे और उसके बाद से विश्व कल्याण और मानव कल्याण का काम शुरू किया था।
गुरूदेव ने कहा कि भगवान शिव का विधि – विधान से पूजन – अर्चन करने से सभी की समस्याएं खत्म हो जाती है ।
और उसकी उन्नति होती है इसलिये सभी लोगों को भगवान शिव और माता पार्वती का विधि विधान से पूजन अर्चन करना चाहिये इससे उनकी समस्याएं खत्म होगी और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि समस्याओ के समाधान के लिये प्रत्येक गुरूवार को यहा पर सत्संग और विशाल भण्डारा होता है। अंत में विशाल भण्डारे के साथ गुरू पूर्णिमा कार्यक्रम संपन्न हुआ।





