दो दर्जन ट्रेनों से 14 हजार प्रवासियों को लेकर रवाना
प्रयागराज। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों द्वारा पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तर पूर्वी राज्यों के कामगारों व फंसे यात्रियों को घर पहुंचाया जा रहा है।
रोजाना औसतन 210 ट्रेनों का परिचालन उत्तर मध्य रेलवे (उमरे) द्वारा किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को दादरी से मोतिहारी, अररिया व छपरा, दनकौर से मुजफ्फरपुर व मधुबनी, झांसी से गोरखपुर, दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन व छपरा और ललितपुर से गोरखपुर के लिए 09 ट्रेनें 14,400 प्रवासियों को लेकर रवाना हुईं।
साथ ही उमरे द्वारा प्रवासियों और अन्य फंसे यात्रियों की निकासी के 107 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों द्वारा 1,42,649 व्यक्तियों की रवानगी हुई।
रविवार, 24 मई तक 154 टर्मिनेटिंग और 31 पासिंग ट्रेनों द्वारा उमरे के विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव के जरिए कुल 2,31,556 प्रवासियों को सुरक्षित लाया गया है। भोजन और पानी के अलावा यात्रियों को चिकित्सा सहायता और अन्य आपातकालीन मदद भी प्रदान की जा रही है। अब तक उमरे के डॉक्टरों की मदद से 13 शिशुओं के सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भवती महिला यात्रियों को आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की गयी है।
साबरमती, सूरत, अहमदाबाद, पालनपुर, गोधरा, वीरमगाम, मेहसाणा, मोरबी, अंजार, नवसारी, दाहोद, वडोदरा, सुरेंद्रनगर, कन्हानगढ़, जूनागढ़, कुरनूल, अंकलेश्वर, बेंगलुरु, पुणे, नई दिल्ली, रेवाडी, रोहतक, गुडग़ांव, फिरोजपुर, लुधियाना, थिविम, कोपरगांव, जोधपुर, कोल्हापुर, बोरीविली, भरुच, कटरा, संबलपुर, घाटकेसर, उदयपुर, डिब्रूगढ़ इत्यादि स्थानों से प्रवासी आए हैं।
प्रयागराज पहुंची दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनें
उमरे के प्रयागराज मंडल के अंतर्गत प्रयागराज जंक्शन पर लिंगमपल्ली व दिल्ली से दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनें पहुंची। प्लेटफार्म संख्या एक पर उतरने के बाद सभी यात्रियों को आश्रय स्थलों तक ले जाया गया। स्वास्थ्य परीक्षण, भोजन-पानी के बाद 3200 यात्रियों को बसों द्वारा उनके गृह जनपद भेजा गया। इस अवसर पर स्टेशन निदेशक अनुपम सक्सेना तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।



