कोराव नगर पंचायत में कोचिंग संस्थानों में उड़ रही नियमों की धज्जियां

मनमानी पर उतारू दिख रहे जिम्मेदार कोचिंग संचालक
( रमेश तिवारी/अनुराग शुक्ला )
कोरांव (प्रयागराज) कोरोना महामारी की भयावहता को देखते हुए भले ही सरकारी तौर पर अभी तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है इसके अलावा कोचिंग संस्थानों को भी खोलने की अनुमति सरकारी तौर पर नहीं प्रदान की गई है उसके बावजूद भी स्थानीय तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत कोरांव में स्थित कई कोचिंग संस्थानों में लगातार कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इतना ही नहीं कोचिंग संस्थानों में सैकड़ों से ज्यादा संख्या में बच्चों की भीड़ कमरों में जुटाई जा रही है जहां ना तो सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जा रहा है ना तो कोरोना को लेकर किसी भी तरह की एहतियात बरती जा रही है ।ऐसे में महामारी को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रहे कोचिंग संचालकों को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश भी दिख रहा है। लेकिन अपने निजी फायदे के लिए उक्त कोचिंग संचालक अपनी मनमानी पर ही उतारू हैं ।नगर पंचायत के पड़रिया रोड पर स्थित एक कोचिंग संस्थान में जब यह जानने की कोशिश की गई कि आखिरकार बच्चों को एकत्र करके किस आधार पर कोचिंग चलाई जा रही है तो कोचिंग संस्थान के एक शिक्षक ने पूछने वाले को ही धक्का देकर बाहर कर दिया साथ ही यह भी कहा कि हम लोग सेटिंग करके अपनी कोचिंग चला रहे हैं ।इसके अलावा नगर पंचायत के ही लेडियारी वाली रोड पर स्थित एक गेस्ट हाउस में ठेकेदारी प्रथा के तहत कोचिंग संस्थान का संचालन किया जा रहा है जहां पर सुबह से शाम तक 3 बैच में कक्षाओं का संचालन हो रहा है ।सैकड़ों से ज्यादा की तादात में बच्चे एक ही कमरे में बैठकर पढ़ रहे हैं। लेकिन उन कोचिंग संचालकों को न तो सरकारी निर्देश का कोई ख्याल है न ही प्रशासन का कोई डर ।जिसके चलते खुलेआम सरकारी निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं सबसे आश्चर्य की बात यह है कि चौराहों पर बिना मास्क के चलने वाले लोगों से पुलिस लगातार वाहन चेकिंग के नाम पर जुर्माना वसूल रही है लेकिन नगर में ही चलने वाली इन कोचिंग संस्थानों पर पुलिस की नजर भी नहीं पड़ रही है ना तो इन जिम्मेदारों को किसी तरह का दिशानिर्देश जारी किया जा रहा है।



