हनुमान द्वारा सीता का संदेश सुनने के बाद भगवान राम हुए भाव विभोर

( विनय कुमार मिश्रा ) श्री कटरा राम लीला कमेटी प्रयागराज के द्वारा समपुर्ण रामायण की राम कथा का प्रारंभ माँ सीता का पता लगाने के लिए हनुमान जी को लंका भेजने का र्निणय लिया गया । परन्तु हनुमान जी ने कहा प्रभु समुद्र लाघं कर जाना बहुत कठिन है । हनुमान जी को उनकी शक्ति व बल याद दिलाते हुए कुछ याद करो अपना पवनसुत हो बालपन गाना होता है। हनुमान जी को अपने बल व शक्ति के बारे में याद आ जाता है । हनुमान जी उड़ते हुए समुद्र लाघं कर लंका पहुंचे कर माता सीता का पता कर लेते हैं ।ओर रावण के दरबार में पहुँच कर रावण को समझाते हुए माता सीता को सा सम्मान श्री राम के पहुचाने के लिए आग्रह करते है ।परन्तु रावण अकड़ जाता है ।ओर युद्ध के लिए ललकारता है इसी के साथ हनुमान जी की पूछ मे आग लगवा देता है । हनुमान जी पुरी सोने की लंका जला देते हैं ओर माता सीता के पास श्री राम के बारे में बताते हैं ओर वापस आ कर श्री राम को सभी बातें बताते हैं। समुद्र किनारे विशाल सेना श्री राम का नाम लेकर समुद्र में पुल बनातीं है
राम जी की सेना चली हर हर महादेव के जयकारा करते पहुचती है। लंका अंगद को शान्ति दुत बना कर रावण को समझाने के लिए भेजा जाता है। इससे पूर्व
श्री रामायण जी की आरती मुख्य अतिथि सिविल लाइन राम दल के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद चन्द्र दुबे वरिष्ठ पत्रकार शरद् द्विवेदी सुधीर कुमार गुप्ता कककु गोपल बाबु जायसवाल महेश चन्द्र गुप्ता ने किया।




