असम में फिर बनेगी भाजपा सरकार: सैयद ओवा

( अनुराग शुक्ला ) मथुरा, (अनुराग दर्शन समाचार)। असम राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद मुमीनुल ओवाल ने रविवार को यहां कहा कि असम में अगले वर्ष एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनेगी।
उन्होंने कहा कि 2021 के असम विधानसभा चुनाव में वहां की जनता एक बार फिर से मुगलों को पराजित करेगी। सैयद ओवाल ने कहा कि असम में मुगलों ने 17 बार आक्रमण किया था और हर बार बुरी तरह से पराजित हुए थे।
उन्होंने कहा कि 2021 के चुनाव में एक बार फिर से मुगलों और उनके समर्थकों के साथ असम की जनता का मुकाबला होगा और इस बार भी वे बुरी तरह से परास्त होंगे।
सैयद ओवाल आज मथुरा में गोवर्धन स्थित शंकराचार्य आश्रम पहुंचकर वहां चल रहे वैदिक अनुष्ठान व महायज्ञ में भागीदारी की, आद्य शंकराचार्य भगवान की पादुका का पूजन किया और पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ का आशीर्वाद लिया।
इस दौरान उन्होंने शंकराचार्य आश्रम की गौशाला में जाकर गायों को गुड खिलाया और परिक्रमा में बंदरों को चना केला खिलाया ।
उन्होंने कहा कि असम समेत समूचे पूर्वोत्तर भारत में शांति स्थापना में शंकराचार्य देवतीर्थ का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए वहां की जनता शंकराचार्य का बड़ा सम्मान करती है।
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य आश्रम में विश्वशांति एवं वैश्विक महामारी कोविड-19 से मुक्ति के लिए यज्ञादि अनुष्ठानों का आयोजन हो रहा है।
असम की जनता को भी कोरोना से मुक्ति मिले इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए मैंने भी इन अनुष्ठानों में आज भागीदारी की।
गौरतलब है कि विश्वशांति एवं वैश्विक महामारी कोविड-19 से मुक्ति के लिए गोवर्धन स्थित शंकराचार्य आश्रम में विगत दिनों से लगातार यज्ञ का अनुष्ठान चल रहा है।
चुंकि असम समेत पूरा पूर्वोत्तर भारत पुरी शंकराचार्य के सीमा क्षेत्र में आता है। ऐसे में शंकराचार्य आश्रम में असम समेत समूचे पूर्वोत्तर के तमाम श्रद्धालु लगातार आते रहते हैं और वहां चल रहे अनुष्ठानों में भागीदारी करते हैं।
तीन दिन पहले असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी आश्रम में पहुंचे थे और महायज्ञ में आहुतियां देकर जगद्गुरु देवतीर्थ का आशीर्वाद लिया था।
कोरोना काल में शंकराचार्य के इस आश्रम के द्वारा लगातार प्रभावित लोगों के अलावा गायों और वानरों का सेवा कार्य भी चला जो अभी भी जारी है।
विश्वशांति और वैश्विक महामारी कोविड-19 से मुक्ति के लिए वहां चल रहा यज्ञ का अनुष्ठान नवरात्र के बाद तक भी जारी रहेगा।




