ट्रेन का हाईटेक चोर गिरफ्तार, एसी फर्स्ट कोच के यात्रियों को बनाता था शिकार

ट्रेन का हाईटेक चोर गिरफ्तार
एसी फर्स्ट कोच के यात्रियों को बनाता था शिका
सांसद की पत्नी के तीन लाख रुपए उड़ाए
( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। सांसद की पत्नी के तीन लाख रुपए चोरी करने वाला शातिर चोर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सांसद अजय निषाद की पत्नी गत 27 अक्टूबर को पटना से नई दिल्ली के लिए रवाना हुईं। वो राजेन्द्र नगर-नई दिल्ली एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 02309) के एसी फर्स्ट कोच में सवार थीं। यात्रा के दौरान उनके तीन लाख रुपए नकद चोरी हो गए। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त प्रयागराज एवं उनकी आरपीएफ की टीम एवं एसएचओ जीआरपी-कानपुर की संयुक्त टीम के प्रयास से चोर पुनीत कुमार व उसके कार चालक को प्रदीप यादव को पकड़ लिया गया।
पुलिस टीम ने जांच में पाया कि उक्त तिथि के अलावे 19 अक्टूबर 2020 को भी एसी प्रथम श्रेणी कोच से एक यात्री के सामान की चोरी की घटना घटी थी। दोनों घटनाओं का मिलान करने पर उक्त ट्रेन के दोनों तिथियों के यात्रियों की सूची का विश्लेषण किया। एक यात्री संदिग्ध दिखा जो कानपुर से एसी थर्ड कोच में रिजर्वेशन करा कर दोनों दिन यात्रा करना पाया गया। जांच के क्रम में 02 नवंबर को पुन: उसी ट्रेन के एसी प्रथम श्रेणी कोच के कूपों में चोरी होने की सूचना मिली। सीसीटीवी फुटेज में इस बार भी वही सन्दिग्ध पूर्व कि दो तिथियों की तरह कानपुर सेन्ट्रल से आता दिखाई दिया।
इस बार पुलिस टीम ने दिल्ली से लखनऊ आने वाली फ्लाइट पर नजर रखी और एयरपोर्ट पहुंच कर संदिग्ध को पकड़ लिया। उसके बैग से 02 नवंबर को हुई चोरी की घटना से संबंधित ज्वैलरी एवं रुपया बरामद हो गये। उसने पूर्व की दोनों चोरियों में शामिल होना स्वीकार कर लिया तथा उसके पास से चोरी के सामान भी बरामद हुए।
मुख्य आरोपी पुनीत (25 वर्ष) पुत्र पुरनलाल स्थाई तौर पर पुरैना, जहानाबाद, पीलीभीत का निवासी है और वर्तमान में प्लाट नंबर 405 कमाग्नि, लखनऊ के पते पर रहता है जबकि उसका कार चालक प्रदीप यादव (25 वर्ष) पुत्र विजय यादव, देवरिया, यूपी का निवासी है। अभियुक्त पुनीत पर 2017 में जीआरपी, लखनऊ में 07 मामलों में अभियोग पंजीकृत है।
इनसेट…
ट्रेन में चोरी, फ्लाइट से वापसी
प्रयागराज। अभियुक्त पुनीत कुमार एक शातिर दिमाग अपराधी था जो बड़े ही गोपनीय और सुनियोजित तरीके से अपराध करता था। ट्रेन से दिल्ली जाता और चोरी करने के बाद फ्लाइट से वापस लखनऊ लौट आता। आरोपी पुनीत लखनऊ से सड़क मार्ग से अपने साथी के साथ कानपुर सेन्ट्रल पहुंचता और ट्रेन संख्या 02309 के एसी थर्ड कोच में सवार हो जाता। चलती गाड़ी में एसी फस्र्ट के कोच के कूपों के खुले दरवाजे से या सटे दरवाजे को खोल कर सोये हुए यात्रियों के पर्स में से गहने या नकद धन निकाल लेता था। ट्रेन के नई दिल्ली पहुंचने के बाद उसी दिन फ्लाइट पकड़ कर लखनऊ वापस आ जाता था। तीनों घटनाओं में उसने यही तरीका अपनाया है।




