इलाहाबाद। तीन तलाक पीड़िता निदा खान के खिलाफ फतवा और जान से मरने की धमकी के बाद गुरुवार को तफ्तीश करने बरेली पहुंची अल्पसंख्यक आयोगटीम की सदस्य रूमाना सिद्दीकी ने बेतुका बयान देते हुए मीडियाकर्मियों से कहा कि वे भी इस्लाम कबूल कर लें और कलमा पढ़ें।
दरअसल, मीडिया के सवालों पर रूमाना भड़क गईं. जिसके बाद अपना आप खोते हुए उन्होंने मीडिया से इस्लाम कबूल करने की बात कहने लगी.
दरअसल, आज अल्पसंख्यक आयोग की टीम ने निदा खान का बयान दर्ज किया. जिसके बाद आयोग की सदस्य रूमाना सिद्दीकी ने मीडिया से बात की. मीडिया के सवालों के जबाब में रूमाना सिद्दीकी भड़क गईं. जब उनसे पूछा गया कि टीम निदा खान के घर नहीं गई, बल्कि उन्हें खुद सर्किट हाउस बुला गया. क्या टीम को भी फतवे का डर था या फिर इस्लाम से खारिज होने का? जिस पर उन्होंने कहा कि आप भी सच्चे दिल से कलमा पढ़ लें तो आप भी मुसलमान बन जाएंगे. इस्लाम से कोई भी किसी को ख़ारिज नहीं कर सकता.
रूमाना सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने निदा से बात की है और कुछ दस्तावेज भी लिए हैं. अब टीम आला हजरत जाएगी और दूसरे पक्ष की बात भी सुनेगी. उनका कहना है कि दोनों पक्षों से बात करने के बाद पूरी रिपोर्ट लखनऊ जाकर आयोग को दी जाएगी. उसके बाद आगे की कार्यवाई की जाएगी. रूमाना ने कहा कि हिंदुस्तान जैसे देश मे फतवों का कोई महत्व नहीं है. बड़ा सवाल ये है कि निदा को आयोग की सदस्यों ने सर्किट हाउस बुला लिया. लेकिन जिन लोगो ने फतवा जारी किया है और जिनके ऊपर धमकी देने का आरोप लगा है, उन लोगों को सर्किट हाउस नही बुलाया गया. टीम उनसे मिलने उनके यहां गई.


