नगर निगम में कब से कितने पद हैं रिक्त, हाईकोर्ट ने मेरठ नगर निगम से मांगा जवाब

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वीकृत पदों पर नियमानुसार नियुक्तियां करने की बजाय उन्हें संविदाकर्मियों से भरने के मामले में मेरठ नगर निगम से जवाब मांगा है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने बृजलाल कृष्ण गुप्ता की जनहित याचिका पर अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी को सुनकर दिया है। कोर्ट पूछा है कि नगर निगम में कितने पद कब से रिक्त हैं और इन पर नियमानुसार नियुक्ति की क्या योजना है।
याचिका में कहा गया है कि मेरठ नगर निगम के अधिकारियों ने रिक्त पड़े स्वीकृत पदों पर अपने चेहते लोगों की संविदा पर नियुक्तियां कर ली हैं, जो नियुक्ति के नियमों के विपरीत है। इन नियुक्तियों को स्थायी किए जाने की भी आशंका है। ऐसा करने से नियुक्ति नियमावली का उद्देश्य विफल होगा। मेरठ नगर निगम के अधिवक्ता ने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की। कोर्ट ने उनकी मांग मंजूर करते हुए 16 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।




