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ओपीडी समेेत एलोपैथी की सभी सेवाएं रहेंगी ठप

आयुर्वेदिक चिकित्सकों को ऑपरेशन की अनुमति देने का विरोध

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। आयुर्वेदिक चिकित्सकों को ऑपरेशन की अनुमति देने के विरोध में एलोपैथी डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है। पहले चरण में बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया फिर शहर के विभिन्न स्थानों पर धरना प्रदर्शन हुआ। अब शुक्रवार को स्वास्थ्य सेवाओं को ठप रखने का निर्णय लिया गया है। सुबह छह बजे से शाम छह तक स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रखी जाएंगी।
एएमए अध्यक्ष डॉ. एम के मदनानी ने बताया कि हड़ताल के दौरान सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। निजी अस्पताल, क्लीनिक, पैथालाजी, लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर बंद रहेंगे। ओपीडी भी ठप रहेगी। सामान्य प्रकृति के ऑपरेशन भी नर्सिंग होम व अस्पतालों में नहीं किए जाएंगे। आवश्यक सेवाएं व कोविड-19 से संबंधित सेवाएं जारी रहेंगी।
एएमए सचिव डॉ. राजेश मौर्य ने बताया कि यह आंदोलन मिक्सोपैथी के विरुद्ध है। आयुर्वेद के खिलाफ नहीं है। मिक्सोपैथी आज जनमानस के लिए बहुत खतरनाक है। आयुष चिकित्सकों को जटिल सर्जरी और एलोपैथी की ऐसी दवाओं के प्रयोग की अनुमति दी गई है जो एमबीबीएस व एमडी किए हुए एलोपैथिक के डॉक्टरों को भी नहीं है। नई व्यवस्था से अप्रशिक्षित चिकित्सकों को कानूनी संरक्षण मिलेगा। जो पूरे समाज के लिए नुकसानदेय है।

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आयुर्वेद के डॉक्टर आज नि:शुल्क करेंगे इलाज
प्रयागराज। आईएमए की ओर से होने वाले बंद के जवाब में आयुर्वेद के डॉक्टरों ने अपनी क्लीनिक खुली रखने व अधिक से अधिक मरीजों को देखने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। कई डॉक्टरों ने शुक्रवार को पूरे दिन नि:शुल्क परामर्श व दवा देने का भी आश्वासन दिया। इसे लेकर जार्जटाउन में बैठक भी हुई। इसमें विश्व आयुर्वेद मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीएस तोमर, विश्व आयुर्वेद परिषद काशी प्रांत के अध्यक्ष डॉ. पीएस पांडेय, विश्व आयुर्वेद परिषद, प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ. एसएस उपाध्याय, डॉ. बीएस रघुबंशी, चिकित्सक प्रकोष्ठ, काशी प्रांत के डॉ. एमडी दुबे भी शामिल हुए। वहीं आयुर्वेद मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीएस तोमर का कहना है कि चिकित्सकों का पहला दायित्व है रोगियों की वेदना का शमन करना। व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहना चाहिए।

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