हाई कोर्ट ने जिला अदालतों, अधिकरणों और पारिवार न्यायालयों के लिए नई गाइडलाइन जारी की

( विनय मिश्रा )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में सप्ताह में तीन दिन कोरोना कर्फ्यू लागू किया है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के क्रम में इलाहाबाद हाई कोर्ट में तीन मई तक अवकाश घोषित किया गया है। इससे पहले एक मई को सैनिटाइजेशन के लिए हाई कोर्ट बंद रखने का आदेश दिया जारी किया गया था। लेकिन, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी की ओर से भेजे गए अनुरोध पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार ने शुक्रवार रात आठ बजे से मंगलवार सुबह सात बजे तक कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है, इसलिए हाई कोर्ट बंद रखने का अनुरोध किया गया है।
इसके मद्देनजर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव ने निर्देशित किया कि तीन मई को प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाई कोर्ट की प्रधानपीठ और लखनऊ खंडपीठ में किसी प्रकार का काम नहीं होगा। आदेशानुसार मुकदमों की ई-फाइलिंग भी नहीं होगी। भवन और परिसर का सैनिटाइजेशन किया जाएगा।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर इलाहाबाद हाई कोर्ट की प्रधान पीठ प्रयागराज में केसों की केवल वर्चुअल सुनवाई हो रही है। मुकदमों का दाखिला भी ऑनलाइन ही किया जा रहा है। शारीरिक रूप से उपस्थित होकर केसों का दाखिला नहीं होगा। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रदेश की जिला अदालतों, अधिकरणों और पारिवार न्यायालयों के लिए भी नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत मुकदमों की सुनवाई अब सिर्फ वर्चुअल तरीके से ही की जाएगी। भौतिक रूप से किसी मुकदमे की सुनवाई नहीं होगी। हाई कोर्ट ने वकीलों और वादकारियों, स्टांप वेंडर और एडवोकेट क्लर्क के अदालत परिसर में प्रवेश करने पर रोक लगा दी है।

