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भाजपा सरकार ने एक तरफ किसानों की जमीन दाँव पर,और दूसरी तरफ पुलिस वालों की जमीर दाँव पर लगा दिया- नरेन्द्र सिंह

मेजा रोड, प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर आज प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालयों पर किसान आन्दोलन के समर्थन मे धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। लेकिन पुलिस प्रशासन ने धरना-प्रदर्शन को विफल करने के लिए काफी सक्रियता दिखाते हुए एवं मशक्कत किया। सुबह साढ़े आठ बजे ही सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व प्रदेश सचिव नरेन्द्र सिंह के आवास को दर्जनभर सिपाहियों को लेकर कोतवाल मेजा एवं प्रभारी चौकी मेजारोड ने घेर लिया। तैयार होकर जब सपा नेता नरेन्द्र सिंह जब अपने दरवाजा के बाहर निकले कोतवाल मेजा सुनील बाजपेई एवं चौकी प्रभारी प्रीत कुमार पाण्डेय ने सपा नेता को आगे जाने से रोंकना चाहा, लेकिन नरेन्द्र सिंह कचेहरी जाने की जिद करते रहे। जिस पर कुछ देर के लिए नोक झोंक की स्थिति बनी रही। लेकिन कोतवाल मेजा ने सूझबूझ से तनावपूर्ण स्थिति को सम्भालते हुए सपा नेता नरेन्द्र सिंह और उनके साथ रहे अन्य नेताओ को हाऊस अरेस्ट कर दिया। गिरफ्तारी के बाद अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नरेन्द्र सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव इस देश के भविष्य हैं,और हम उनके अनुयाई। अपने नेता आदरणीय अखिलेश यादव जी के निर्देशानुसार किसानों के सम्मान और उनके आन्दोलन के समर्थन मे हम सभी समाजवादी 07 दिसम्बर से लगातार किसान यात्रायें निकाल रहे हैं। उसी कड़ी मे आज जिला कचेहरी पर शान्तिपूर्वक धरना-प्रदर्शन करने के लिए हमें अपने साथियों के साथ जाना था, लेकिन सरकारी निर्देशानुसार पुलिस आफिसर भारी पुलिस बल के साथ आकर हमे और हमारा घर घेर लिए। इनका कहना है कि आपको आपके ही घर मे कैद कर दिया गया है। क्योंकि ऐसा करने के लिए इन्हे ऊपर से निर्देश मिला हुआ है। आज भाजपा सरकार अपने शक्ति का बेजा इस्तेमाल कर रही है। इतिहास गवाह है, और नियम भी कहता है कि जो भी ब्यक्ति अथवा संस्था अपने शक्ति का दुरुपयोग करता है, एक दिन वही शक्तियाँ उस ब्यक्ति अथवा संस्था का अस्तित्व मिटा देती हैं। क्या जरूरत है पुलिस का निजीकरण करने की। भाजपा सरकार ने एक तरफ किसानों की जमीन दाँव पर,और दूसरी तरफ पुलिस वालों की जमीर दाँव पर लगा दिया है। गिरफ्तारी मे नरेन्द्र सिंह के साथ संजय यादव उर्फ कल्लू प्रमुख माण्डा,आशीष कुमार यादव,भोला पाल, प्रेमचंद यादव, रामजी यादव, अशर्फी पाल,पारस निषाद, मोहित पाल,सुनील पाल को भी नजरबन्द किया।

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