विहिप के शिविर में सामाजिक समरसता पर विचार विमर्श
प्रयागराज। विश्व हिंदू परिषद शिविर में सामाजिक समरसता के अखिल भारतीय वर्ग के दूसरे दिन अवकाश प्राप्त प्राध्यापक रमेश जी पांडव ने आए हुए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के विविध जीवन के पहलुओं के बारे में विस्तार से यह बताया कि 1924 से लेकर जीवन के अंत तक हिंदू समाज में समरसता के भाव के लिए ही काम किया ।

राष्ट्र योगदान के बारे में गाडगिल जी लिखते हैं हिंदू कोड बिल का निर्माण व मीमस मूर्ति के नाम से जाने जाने वाले 133 स्मुर्तीयो का अध्ययन कर उससे हिंदू कोड बिल के निर्माण की भूमिका निभाई उस समय 286 प्रतिनिधि कांग्रेश के थे और हिंदू महासभा के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सबने इसका स्वागत किया था।
भारत में रहने वाले हम सब आर्य हैं अंग्रेजों ने हिंदू समाज को लड़ाने के लिए ब्राह्मण अनुसूचित समाज के बीच फूट डालने के लिए अनेकों कुचक्र रचे आज की परिस्थितियों में राष्ट्रीय विरोधी तत्व इसका प्रयोग कर रहे हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय समरसता के सहसंयोजक रविंद्र जी ने हिंदू समाज के सामने आने वाले खतरों का सामना करने के लिए सावधानियां और सुझाव रखे अंतिम सत्र में केंद्रीय महामंत्री संगठन विनायक राव देशपांडे ने कहा कि पूरे देश में इस वर्ष सामाजिक समरसता के लिए अनेकों कार्यक्रम तय किए गए हैं उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में स्वर्ण समाज के सामने प्रबोधन का कार्यक्रम किया जाएगा।

1 मई 2020 से 31 मार्च 2021 तक देश के सभी जिलों में सामाजिक समरसता का विशाल जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा विविध जातियों,बिरादरी के मुखिया के सहयोग से सद्भावना बैठक, सम्मेलन, गोष्ठी के माध्यम से समरसता का विचार प्रसारित किया जाएगा सभी गांव में हिंदू समाज के अनुसूचित बंधुओं के देव दर्शन की कोई दिक्कत ना हो, पानी की समस्या ना हो, एक श्मशान हो पूज्य संतों के माध्यम से समरसता यात्रा गांव गांव सह भोज एवं कन्या पूजन का कार्यक्रम होगा ।
अखिल भारतीय सामाजिक समरसता प्रमुख देवजी भाई रावत ने कहा कि आने वाले समय में देश के सभी प्रांतों में एवं जिलों में सामाजिक समरसता की टोली के माध्यम से यदि कोई गांव में हिंदू विषमता दलित उत्पीड़न की सूचना पर पहुंचकर उनके सहायक के रूप में सहायता करना और सामाजिक न्याय दिलाने के लिए जिला स्तर पर प्रबुद्ध लोगों की टोली बनाकर उनका सहयोग करना कल समापन सत्र में हिस्सा लेने के लिए विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष माननीय श्री विष्णु सदाशिव कोकजे जी उपस्थित रहेंगे।
आज से ही सत्संग विभाग की अखिल भारतीय स्तर का वर्ग प्रारंभ हुआ जिसमें देश भर से 350 जिला सत्संग प्रमुख प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित है गांव गांव में सत्संग हो विहिप के संगठन का आधार सत्संग बने इस पर चर्चा हुई अखिल भारतीय सत्संग सहसंयोजक दादा वेदक जी ने कहा कि सत्संग के माध्यम से धर्मांतरण पर रोक लगाई जा सकती हैं एवं हिंदू समाज, संस्कृति पर होने वाले हर प्रकार के आक्रमणों को समाप्त करने का एकमात्र माध्यम सत्संग है जिसमें प्रमुख रुप से अजय दास जी महाराज, आनंद जी हरबोला, अरविंद जी, दिवाकर नाथ त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे!



