Latest

नए साल में आएगी असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती

 

उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग नहीं कर पाया एजेंसी का चयन

सिलेबस हो रहा रिवाइज, क्षैतिज आरक्षण को लेकर भी फंसा पेंच

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती अब नए साल में निकलेगी, क्योंकि उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग अभी विज्ञापन निकालने व भर्ती का अन्य कार्य करने वाली एजेंसी का चयन नहीं कर पाया है। आयोग ने एजेंसी के चयन के लिए 18 नवंबर से दो दिसंबर तक आवेदन मांगा था। उस समय एमएलसी चुनाव की आचार संहिता लागू थी। प्रशासन ने आवेदन न लेने की सलाह दी थी।
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने विज्ञापन निरस्त करके नए सिरे से एजेंसियों से आवेदन लेने का विज्ञापन जारी किया है। आवेदन की अंतिम तारीख 24 दिसंबर है। एजेंसी का चयन होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। इधर आयोग ने उच्च शिक्षा निदेशालय से क्षैतिज आरक्षण की स्थिति स्पष्ट करने की गुजारिश की है। आयोग को 44 विषयों में 2016 पद की भर्ती करानी है। भर्ती विज्ञापन संख्या 50 के तहत होनी है। इसके तहत प्रदेश के 90 डिग्री कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पदों पर भर्ती की जाएगी। लेकिन, दो महीने से उसका काम रुका है। विज्ञापन न निकलने से प्रतियोगियों में निराशा व्याप्त है, वे आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
यूपीएचईएससी प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने की तैयारी कर रहा है। लेकिन, इस बाद असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की परीक्षा नए सेलेबस के आधार पर आयोजित की जाएगी। इसके लिए यूपीएचईएससी में सिलेबस रिवाइज किए जाने का काम चल रहा है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से यूपीएचईएएसी को असिस्टेंट प्रोफेसर के 2016 पदों का अधियाचन भेजा चुका है। प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में रिक्त पड़े इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया यूपीएचईएएसी को पूरी करनी है। इसके लिए पहले विज्ञापन जारी किया जाएगा, इसके बाद लिखित परीक्षा होगी और फिर इंटरव्यू कराकर अंतिम चयन परिणाम घोषित किया जाएगा। नियमों के तहत हर पांच साल में भर्ती परीक्षा का सिलेबस रिवाइज होना चाहिए।
असिस्टेंट प्रोफेसर के 2016 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी होने से पहले क्षैतिज आरक्षण को लेकर फिर से पेच फंस गया है। निदेशालय की ओर से आयोग को पत्र भेजकर कहा गया है कि वह अपने स्तर से क्षैतिज आरक्षण का निर्धारण कर ले, जबकि आयोग इसके लिए तैयार नहीं है। आयोग की ओर से निदेशालय को पत्र भेजकर कहा गया है कि आरक्षण का निर्धारण विभाग करते हैं। इसके साथ ही आयोग ने निदेशालय को आरक्षण निर्धारण के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं, ताकि मामले का निपटारा जल्द हो और आयोग विज्ञापन जारी कर सके।

Related Articles

Back to top button