कक्षाएं चलाने प्रधानाध्यापकों की सहमति, खुलेंगे कक्षा छह से आठवीं तक के स्कूल

विनय मिश्रा ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर प्रदेश सरकार ने कक्षा छह से आठवीं तक के स्कूल भौतिक रूप से खोलने के लिए सभी की राय मांगी, जिस पर अधिकांश विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने सहमति जताई है।
कहा है कि अब कोविड-19 से बचाव के उपाय अपनाते हुए भौतिक रूप से कक्षाओं को चलाना चाहिए जिससे पठन-पाठन को पटरी पर लाया जा सके।
प्रयागराज के जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव की तरफ से पत्र लिखकर पूछा गया था कि स्कूल खुलने के लिए तैयार हैं या नहीं। उसी आदेश के अनुपालन में जिले के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से फोन पर बात की गई और उनकी तैयारियों के साथ ही अभिभावकों का मत भी जानने का प्रयास किया गया।
सभी स्कूलों ने भौतिक रूप से कक्षाओं के संचालन के लिए अपनी सहमति दी।
कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों की ऑफ लाइन कक्षाएं 19 सितंबर से ही संचालित हो रही हैं। सभी स्कूलों में स्पष्ट हिदायत दी गई है कि कोविड-19 से बचाव संबंधी निर्देशों का भी पालन किया जाए। पचास प्रतिशत विद्यार्थी ही एक दिन में बुलाए जाएं। बावजूद इसके स्कूलों में उपस्थिति 25 से 30 प्रतिशत ही बनी हुई हैं। हालाकि, अभिभावकों ने बच्चों को विद्यालय में भोजन के लिए सहमति पत्र दे रखा है, लेकिन विद्यार्थी आने को तैयार नहीं है। अब छोटे बच्चों को स्कूल बुलाने की तैयारी है। विद्यालयों ने अपनी मंजूरी दे दी है। अब शासन की मंजूरी का इंतजार है।
नए सत्र में भी नहीं बढ़ाएंगे शुल्क
प्रयागराज। कोरोना संक्रमण के कारण स्कूलों में पठन पाठन के तौर तरीके बदल गए हैं। पिछले सत्र में सभी कक्षाएं ऑनलाइन संचालित की गई। कोशिश हुई कि प्रत्येक विद्यार्थी की पढ़ाई सुचारु रूप से चले। यहां तक कि प्रयोगात्मक कक्षाओं को भी चलाया गया। यह जानकारी सेंट मैरी कान्वेंट इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य सिस्टर ज्योति ने दी। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने तय किया है कि कोरोना काल में पिछले सत्र की तरह इस बार भी किसी तरह की शुल्क बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। नए प्रवेश के लिए ऑनलाइन प्रकिया अपनाई जा रही है। पंजीकरण शुरू हो चुका है। कक्षा 10वीं और 12वीं की प्री बोर्ड परीक्षाएं जनवरी में ऑफलाइन मोड में कराई जाएगीं। फरवरी में कक्षा नौ व 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षाएं होंगी।


