ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट से होगी जल की बचत
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर मध्य रेलवे (उमरे) जल संरक्षण के लिए एसटीपी और ईटीपी की स्थापना कर रहा है। साथ ही तालाबों की खुदाई, वर्षा जल संचयन, जल उपभोग ऑडिट की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
एसटीपी से होगा जल संरक्षण, उपचारित पानी का होगा इस्तेमाल
उमरे: आगरा में कोच वाशिंग प्लांट, झांसी में एसटीपी का उद्घाटन
इसी अभियान को गति देते हुए उमरे महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने कोच अनुरक्षण डिपो आगरा कैंट में स्वचालित कोच वाशिंग प्लांट और झांसी में प्लग एंड प्ले टाइप पैकेज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का उद्घाटन किया।
वाशिंग लाइन आगरा कैंट में ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट लगाया गया जो यात्री कोच के बाहरी सतह को बेहतर और एक जैसी सफाई के लिए 12 चरणों वाले स्वचालित वाशिंग इकाइयों से सुसज्जित है। इससे 70 फीसदी तक पानी की बचत होगी। साथ ही यह मशीन उपयोग किए जाने वाले लगभग 80 प्रतिशत पानी को रीसाइकिल करता है। आगरा के डीआरएम एसके श्रीवास्तव ने कहा कि एसीडब्ल्यूपी 8 किमी प्रति घंटा तक की स्पीड तक रेक की सफाई करने में सक्षम है।
झांसी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कॉलोनी में स्थापित 02 प्लग एंड प्ले टाइप पैकेज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता एक लाख लीटर है। इसका उपयोग अपशिष्ट जल को रीसाइकिल करने के लिए किया जाएगा और उपचारित पानी का उपयोग बागवानी, सफाई आदि में किया जाएगा। प्रमुख मुख्य यांत्रिक अभियंता कुंदन कुमार, प्रमुख मुख्य अभियंता शरद मेहता ने दोनों मंडलों को बधाई दी और जल संरक्षण के प्रयासों को और तेज करने पर जोर दिया।



