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‘‘लोक पर्व-लोक स्वर’’ कार्यशाला की प्रस्तुतियों संग मना नया वर्ष, सोहर-पचरा की धुन पर झूमे दर्शक

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की अनूठी पहल ‘‘लोक पर्व-लोक स्वर’ के अंतर्गत पद्मश्री संगीत समिति के सहयोग से आयोजित कार्यशाला का समापन नये वर्ष के अवसर पर केन्द्र के शिल्प हॉट प्रांगण में पारम्परिक ठेठ लोकगीतों की प्रस्तुतियों के साथ हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीया सांसद फूलपुर श्रीमती केशरी देवी पटेल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के आरंभ में केन्द्र के प्रशासनिक अधिकारी अनूप बिहारी लाल व सलाहकार तथा पूर्व लेखाधिकारी नरेन्द्र सिंह ने सांसद महोदया को स्मृति चिन्ह व शाल देकर उनकेा सम्मानित किया, तत्पश्चात सांसद महोदया सहित केन्द्र के अधिकारी व प्रशिक्षकों सहित सांसद संग पधारे सहयोगियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरूआत की। माननीय सांसद ने लोकगीतों का प्रशिक्षण दे रही प्रशिक्षिका मुरगुला देवी व सहायक प्रशिक्षिका अंजली भारद्वाज को प्रशस्ति पत्र व केंद्र का स्मृति चिन्ह प्रदान किया।

अपने उद्बोधन में माननीया सांसद महोदया ने सभी को नए वर्ष की शुभकामनाएं दी तथा कोरोना से मुक्ति के लिए देशवासियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों द्वारा लोकगीतों की प्रस्तुति के क्रम में पचरा देवी गीत- ‘निमिया के डारि मइया झूले ली झुलनवा’ व सोहर- ’बाजति आवै सरंगिया, बरहउ जोड़ी बाजन हो’ की धुन से दर्शकों के अंदर एक अलग ही आनंद का संचार व ग्रामीण गीतों की फुहार से वातावरण संगीतमय हो गया। यह कार्यशाला विगत २१ से ३० दिसम्बर तक आयोजित की गयी, जिसमें लगभग ४० बच्चों ने माटी के लोकगीतों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में संगतकार के तौर पर रोशन पाण्डेय ने सहयोग किया। कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन केन्द्र के कार्यक्रम प्रभारी शील द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के अधिकारियों सहित प्रशिक्षण प्राप्त किए बच्चों के अभिभावक उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन विवेक रंजन सिंह ने किया।

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