पूरे फरवरी माह चलेगा कल्पवास – अबकी पौष पूर्णिमा में देरी का कारण बना अधिकमास

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। आगामी जनवरी माह में लग रहे माघ मेला में संगम तीरे हजारों लोग कल्पवास करेंगे।
आमतौर पर हर वर्ष फरवरी महीने के मध्य में कल्पवास खत्म हो जाता था पर अबकी कल्पवासियों और संतों की तपस्या कुछ लंबी खिंचेगी। इसकी वजह यह है कि 37 साल बाद पौष पूर्णिमा जनवरी महीने के अंत में लगेगी। इसलिए माघ महीना पूरे फरवरी में रहेगा।
आमतौर पर कल्पवासी मकर संक्रांति तक आ जाते हैैं। माघ अथवा कुंभ मेले में दो कालखंड होते हैं। मकर संक्रांति से माघ शुक्लपक्ष की संक्रांति तथा पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक कल्पवास किया जाता है। माघ में कल्पवास ज्यादा पुण्यदायक माना जाता है। इसलिए 70 प्रतिशत से अधिक श्रद्धालु पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक कल्पवास करते हैं।
बीते कुछ वर्षों में पौष पूर्णिमा 10 जनवरी के आसपास पड़ती थी। मकर संक्रांति 14 अथवा 15 जनवरी को ही रहती है। ऐसी स्थिति में 20 फरवरी से पहले कल्पवास खत्म हो जाता था। वर्ष 2021 में मकर संक्रांति 14 जनवरी व पौष पूर्णिमा 28 जनवरी को होगी। माघ शुक्लपक्ष की संक्रांति 13 फरवरी को रहेगी। माघी पूर्णिमा 27 फरवरी को है, इस तरह देखें तो पूरे फरवरी महीना में कल्पवास चलेगा।
ज्योतिर्विद बताते हैं कि अधिकमास व क्षयाधि मास लगने पर समय में हेरफेर हो जाता है। क्षयाधि मास में शुक्लपक्ष व कृष्णपक्ष के दिन कम हो जाते हैैं जबकि अधिकमास में दिन बढ़ जाते हैं। इसी कारण अबकी पौष पूर्णिमा देर से लग रही है।
माघ मेला 2021: प्रमुख स्नान पर्व
मकर संक्रांति- 14 जनवरी
पौष पूर्णिमा- 28 जनवरी
मौनी अमावस्या- 11 फरवरी
वसंत पंचमी- 16 फरवरी
माघी पूर्णिमा- 27 फरवरी
महाशिवरात्रि- 11 मार्च




