प्रिंटेड प्रोफार्मा पर जिला जज से मांगी रिपोर्ट

एसीजेएम मेरठ द्वारा जारी सम्मन आदेश पर कोर्ट सख्त
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश के बावजूद प्रिंटेड प्रोफार्मा में सम्मन आदेश के लिए मेरठ के जिला जज से संबंधित एसीजेएम की टिप्पणी के साथ रिपोर्ट मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान ने इमैनुअल मसीह व अन्य की याचिका पर उनके अधिवक्ता संदीप शुक्ल को सुनकर दिया है। कोर्ट ने यह आदेश रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से जिला न्यायाधीश मेरठ को 24 घंटे के अंदर प्रेषित करने का भी निर्देश दिया है। याचिका के अनुसार याची इमैनुअल मसीह की पत्नी की ओर से याची, उसके पिता प्रेम मसीह व मां प्रोमिला मसीह के खिलाफ किए गए दहेज प्रताडऩा के मुकदमे में एसीजेएम मेरठ की अदालत ने प्रिंटेड प्रोफार्मा पर याचियों को सम्मन जारी किया है।
अधिवक्ता संदीप शुक्ल ने अपनी बहस में कहा कि एसीजेएम मेरठ के यहां से जारी सम्मन आदेश प्रिंटेड प्रोफार्मा पर है। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट ऐसा आदेश न केवल इस मुकदमे में बल्कि अन्य मुकदमों में भी प्रिंटेड प्रोफार्मा पर कर रहे हैं। एडवोकेट शुक्ल ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने ऐसे आदेश न करने के लिए कई बार न न्यायिक व प्रशासनिक आदेश किए हैं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने जिला जज मेरठ से संबंधित मजिस्ट्रेट की टिप्पणी के साथ 12 जनवरी तक रिपोर्ट मांगी है।

