नहीं आए फर्स्ट आईओ, अब 15 जनवरी को फिर होगी सुनवाई

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर प्रदेश सरकार के नागरिक उड्डयन, राजनीतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री व प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से विधायक नन्दगोपाल गुप्ता नन्दी पर 2010 में हुए आरडीएक्स बाॅम्ब ब्लास्ट जानलेवा हमले के मामले में मुख्य आरोपी विजय मिश्रा और दिलीप मिश्रा के खिलाफ शुक्रवार को सुनवाई एमपी एमएलए कोर्ट में हुई।
मंत्री नन्दी पर हुए हमले के मामले की एमपी एमएलए कोर्ट में हुई सुनवाई
बम ब्लास्ट मामलों के सुप्रसिद्ध अधिवक्ता जेपी शर्मा ने मंत्री नन्दी की तरफ से रखा पक्ष
जिसमें आज आरडीएक्स हमले के फर्स्ट इनवेस्टिगेशन आफिसर एके निगम का एविडेंस होना था। लेकिन कोरोना के कारण फर्स्ट इनवेस्टिगेशन आफिसर कोर्ट में पेश नहीं हुए। जबकि मंत्री नन्दी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का निर्देश है। कि इस मामले को जल्द से जल्द खत्म किया जाए।
फर्स्ट इनवेस्टिगेशन आफिसर ए के निगम के कोर्ट में पेश न होने पर स्पेशल जज एमपी एमएलए कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 15 जनवरी की अगली डेट निर्धारित की है। इस दिन फर्स्ट इनवेस्टिगेशन आफिसर का एविडेंस होगा। दिल्ली हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट एवं बम ब्लास्ट मामलों के सुप्रसिद्ध अधिवक्ता जेपी शर्मा मंत्री नन्दी की ओर से कोर्ट में उनका पक्ष रख रहे हैं। जिसके लिए वे गुरूवार को ही वे प्रयागराज पहुंच गए थे। जिन्हें बम ब्लास्ट मामलों में 40 वर्ष का अनुभव है। अधिवक्ता जेपी शर्मा समझौता ट्रेन ब्लास्ट केस, अजमेर दरगाह ब्लास्ट केस, मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस, मुंबई माले गांव ब्लास्ट केस लड़ चुके हैं। 2010 में हुए जानलेवा हमले में मंत्री नन्दी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं एक पत्रकार समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। मंत्री नन्दी पर हुए हमले के मुख्य आरोपी विजय मिश्रा और दिलीप मिश्रा जहां इस समय जेल में हैं।
12 जुलाई 2010 को सुलाकी चैराहे के पास तत्कालीन बसपा सरकार के संस्थागत वित्त एवं स्टांप शुल्क पंजीयन मंत्री रहे नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर रिमोट बम से हमला किया गया था। हमले में नंदी गंभीर रूप से जख्मी हुए थे जबकि पत्रकार विजय प्रताप सिंह और गार्ड राकेश मालवीय की मौत हो गई थी। हमले में अपराधी आनंद शांडिल्य उर्फ राजेश पायलट निवासी गांव उंद्ररा तिमनी, हरदा मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया गया था। साथ ही ज्ञानपुर भदोही के सपा विधायक रहे विजय मिश्र, सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्र समेत 18 आरोपितों को जेल भेजा गया था। विजय मिश्र और दिलीप की जमानत हो गई जबकि रिमोट बम से जानलेवा हमला करने के आरोपी आनन्द शांडिल्य उर्फ राजेश पायलट की दो वर्ष पहले ही ब्रेन हैमरेज से मौत हो गई थी। इस मामल में कुल 18 लोग आरोपित हैं।


