समर्पित भावना से की गई भक्ति से होता है भगवत कृपा की प्राप्ति

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। श्री दण्डी स्वामी आश्रम नागेशवर धाम महादेव मन्दिर अरैल में कार्तिक मास के पवित्र महात्म्य के उपलक्ष्य में चल रही श्री मद् भागवत कथा के तृतीय दिवस कथा व्यास डा 0 सुमन आश्रम वेदाचार्य ने भक्तों को संबोधित करते हुए बताया कि संसार के सभी धार्मिक कार्य वेद के अनुरूप होने से फल की प्राप्ति होना स्वाभाविक माना गया है परन्तु स्थिर सुख एवं भगवान की कृपा प्राप्ति के लिए श्रद्धा एवं भक्ति के मार्ग पर चलते हुए समर्पित भावना से भगवान के विग्रह मई भागवत कथा सुनने से भगवान की कृपा एवं मोक्ष प्राप्त होता है एक दुराचारी भी भागवत कथा सुनता है तो धुन्धकारी के जैसे उसे भी मुक्ति प्राप्त होती है भक्त प्रह्लाद देव ऋषि नारद जैसे ब्रम्हदर्शी सन्त के द्वारा दीक्षित एवं शिक्षित हो कर के भगवान नारायण के भक्ति में इतना तन्मय हो गये की स्वयं भगवान को ही उनके रक्षा हेतु नरसिंह रूप ले कर आना पड़ा अपने आशीर्वचनों में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी महाराज ने बताया 84 लाख योनियो में मनुष्य जीवन प्राप्त करना उत्तम फल का सूचक माना गया है।



