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आक्रोशित संतों ने खड़ाऊं और जूते चप्पलों से तांडव वेब सीरीज के पोस्टरों को कुचलकर उसे आग के हवाले भी किया

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। बॉलीवुड के कलाकार और मशहूर फिल्म अभिनेता सैफ अली खान की वेब सीरीज ‘तांडव’को लेकर पूरे देश में कोहराम मचा हुआ है। देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई और देश की राजधानी दिल्ली से लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ समेत देश के कई शहरों में वेब सीरीज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रयागराज में भी संगम की रेती पर लगे माघ मेले में आये दंडी सन्यासियों ने वेब सिरीज तांडव में हिन्दू देवी देवताओं को अपमानित किए जाने को लेकर नाराजगी जतायी है। दंड़ी सन्यान्यियों ने दंडी बाड़ा में श्री नागेश्वर धाम के बाहर गंगोली शिवाला मार्ग पर वेब सीरीज तांडव का पोस्टर अपने हाथों में लेकर नारेबाजी की है और फिल्म से जुड़े कलाकारों और निर्माता निर्देशकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वेब सीरीज में भगवान राम और भगवान शिव का मजाक उड़ाये जाने से आक्रोशित संतों ने खड़ाऊं और जूते चप्पलों से तांडव वेब सीरीज के पोस्टरों को कुचलकर उसे आग के हवाले भी किया। बार-बार बॉलीवुड द्वारा हिन्दू देवी देवताओं को अपमानित किए जाने को लेकर दंडी सन्यासियों ने केन्द्र और राज्य सरकार से तत्काल कड़े कदम उठाने की भी मांग की है। इसके साथ ही दंडी सन्यासियों ने इस वेब सीरीज को तत्काल बैन करने की भी मांग की है। अखिल भारतीय दंडी सन्यासी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम महाराज ने कहा है कि हिन्दू-देवी देवताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और उन्हें अपमानित करने वाले लोगों को कठोर दंड मिलना चाहिए। उन्होंने कहा है कि सरकार अगर इस पर कोई ठोस एक्शन नहीं लेगी। तो हिन्दू धर्म पर बार बार हो रहे हमले को लेकर साधु संतों ही सबक सिखाने के लिए आगे आना पड़ेगा। वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष आचार्य नरेंद्र गिरी महाराज ने योगी सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि साधु-संतों के विरोध के चलते हैं उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए जहां इस वेब सीरीज के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर साधु संतों का मान रखा है वहीं पर भगवान को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले लोगों को यह सबक मिलेगा किसी भी धर्म या जाति के भगवान के साथ अश्लील और आपत्तिजनक बातें या हरकतें करना भारी पड़ सकता है अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष कहां की तत्कालीन मानसिक अवस्था वाले लोगों को जेल के पीछे भेजा जाए ताकि समाज को एक सही उदाहरण प्रस्तुत होगा।

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