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कोरोना और घना कोहरे के बीच लगी आस्था की डुबकी

 

पुलिस महानिरीक्षक केपी सिंह ने बताया चार लाख लोगों ने संगम में डुबकी लगाई।

( अनुराग शुक्ला आनंत पांडे )

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। माघ मेला के दूसरे स्नान पौष पूर्णिमा स्नान पर कोरोना और घना कोहरे के बीच 12 बजे तक करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी।
संगम में हालांकि भोर चार बजे से ही पौष पूर्णिमा स्नान शुरू हो गया था। लेकिन घना कोहरे के कारण स्नान घाट लगभग खाली पड़े थे। तड़के 4 बजे गिनती के ही श्रद्धालु गंगा तट पर नजर आ रहे थे। दोपहर 12:00 बजे धीरे धीरे भगवान सूर्य के उदयीमान होने से श्रद्धलुओं की भीड़ बढ़ने लगी लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
पुलिस महानिरीक्षक केपी सिंह ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक पांच लाख लोगों ने संगम में डुबकी लगाई। उन्होने बताया कि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस, आरएएफ, कमांडो और पीएसी के जवान तैनात है। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में अवंछनीय तत्वों पर पुलिस की निगरानी बनी हुई है। फिलहाल मेला क्षेत्र में श्रद्धालु कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए दिखलाई पड़ रहे है। पुलिस लगातार मेला क्षेत्र में चक्रमण कर रही है। वेदों में कहा गया है हिंदू धर्म में पूर्णिमा का दिन खास माना जाता है। मगर पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का अधिक महत्व है। मोक्ष की कामना रखने वालों के लिए यह दिन बेहद खास होता है।

 

 

  • इस तिथि को सूर्य और चंद्रमा के संगम भी कहा जाता है, क्योंकि पौष का महीना सूर्य देव का माह होता है और पूर्णिमा चंद्रमा की तिथि है। चंद्रमा के साथ.साथ पूर्णिमा का दिन भगवान विष्णु की आराधना को समर्पित होता है। इस दिन गंगासागर, त्रिवेणी, हरिद्वार, काशी आदि पवित्र नदियों में स्नान का महात्म होने से बड़ी संख्या में लोग आस्था की डुबकी लगाने पहुंचते हैं।

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