जंगल में अखाड़ों की धर्म ध्वजा के लिए साल के वृक्षों का चयन किया

जिस दिन अखाड़े अपनी-अपनी धर्म ध्वजा फहराते हैं, उसी दिन से उनका कुंभ आरंभ हो जाता है।
( अनुराग शुक्ला )
हरिद्वार (अनुराग दर्शन समाचार )। अखाड़ा परंपरा के अनुसार हरिद्वार कुंभ के निमित्त शनिवार को सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने छिद्दरवाला के जंगल में अखाड़ों की धर्म ध्वजा के लिए साल के वृक्षों का चयन किया। अखाड़ा प्रतिनिधि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि और निरंजनी अखाड़ा के श्रीमहंत रविंद्र पुरी के नेतृत्व में मेलाधिकारी दीपक रावत के साथ वहां पहुंचे। वृक्षों के चयन के बाद प्रतिनिधियों ने पूजन के साथ उन पर अपने-अपने अखाड़ों के निशान भी अंकित किए।
इस मौके पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि धर्म ध्वजा कुंभ के निमित्त अखाड़ों का शुरुआती कदम होता है।
धर्म ध्वजा के लिए वृक्ष का चयन करने के साथ ही अखाड़ों की ओर से स्वत: इस बात की घोषणा हो जाती है कि वह कुंभ के लिए तैयार हैं। कहा कि जिस दिन अखाड़े अपनी-अपनी धर्म ध्वजा फहराते हैं, उसी दिन से उनका कुंभ आरंभ हो जाता है।
मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि अखाड़ों की मांग और परंपरा के अनुसार धर्म ध्वजा के लिए छिद्दरवाला के जंगल में साल के वृक्षों का चयन किया गया। मेला अधिष्ठान नियत समय पर यह वृक्ष अखाड़ों को उपलब्ध कराएगा।
धर्म ध्वजा के लिए वृक्ष चयन को अखाड़ा प्रतिनिधि के तौर पर निरंजनी अखाड़ा से श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, श्रीमहंत रविंद्र पुरी, रामरतन गिरि, महानिर्वाणी अखाड़ा से श्रीमहंत रविंदर पुरी, श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा से महंत केदार पुरी, महेश पुरी, बड़ा अखाड़ा उदासीन से श्रीमहंत महेश्वरदास, महंत दुर्गादास और कोठारी महंत दामोदर दास, नया अखाड़ा उदासीन से श्रीमहंत जगतार मुनि, निर्मल अखाड़ा से श्रीमहंत देवेंद्र शास्त्री, अटल अखाड़ा से महंत बलराम गिरि, महंत प्रेम गिरि, अग्नि अखाड़ा से श्रीमहंत साधनानंद गिरि, आह्वान अखाड़ा से श्रीमहंत सत्यम गिरि, निर्वाणी अणि से श्रीमहंत राजेंद्र दास, निर्मोही अणि से श्रीमहंत धर्मदास, दिगंबर अणि से श्रीमहंत कृष्णदास और आनंद अखाड़े से महंत जगानंद सरस्वती मौजूद थे।


