कुर्सी की लड़ाई में छात्रों को बनाया मोहरा

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के शारीरिक शिक्षा विभाग में अध्यक्ष पद की कुर्सी लंबे अरसे से चर्चा में रही है। अब तो इस लड़ाई में छात्र-छात्राओं को भी शामिल कर लिया गया है।
इविवि: विवादित पत्र से सुर्खियों में शारीरिक शिक्षा विभाग
एक विवादित पत्र के मुताबिक एमपीएड तृतीय सेमेस्टर के कुछ छात्र-छात्राओं ने विभागाध्यक्ष प्रो. अर्चना चहल पर प्रताडि़त करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि सेमेस्टर परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जा रही है। आरोप के मुताबिक विभागाध्यक्ष द्वारा ऑनलाइन परीक्षा के दौरान वीडियो मोड ऑन करने को कहा गया है। छात्रों का कहना है कि नेटवर्क की समस्या के चलते वीडियो डिसकनेक्ट हो रहा है लेकिन विभागाध्यक्ष द्वारा कहा जा रहा है कि यदि एक मिनट के लिए भी वीडियो डिसकनेक्ट हुआ तो अंक काट लिए जाएंगे। यह पत्र कुलपति के अलावा परीक्षा नियंत्रक को भी भेजा गया है।
एक छात्र की तरफ से विभागाध्यक्ष को पत्र लिखा गया है। उस पत्र में कथित तौर पर शामिल एक छात्र का कहना है कि उसने ऐसा कोई पत्र लिखा ही नहीं है। फर्जी तरीके से उसके नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है। जबकि पत्र में उस छात्र का भी हस्ताक्षर है। ऐसे में सवाल तो यह उठ रहे हैं कि यह पत्र किसकी तरफ से लिखा गया है।
इस मसले पर विभागाध्यक्ष प्रो. अर्चना चहल का कहना है कि अभी तो परीक्षाएं शुरू ही नहीं हुई हैं। ऐसे में परीक्षा के दौरान वीडियो ऑन अथवा ऑफ करने की बात ही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस पत्र को फर्जी करार दिया है। बताया कि यह पत्र किसी के इशारे पर लिखाया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए।


