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महिलाओं के बिना स्वस्थ समाज का निर्माण अधूरा

(अनुराग शुक्ला)प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। आर्य समाज माधमेला पण्डाल में मद्यनिषेध में महिलाओं की भागीदारी’ विषयक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में डी.आई.जी, श्री सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी जी ने माघ मेला में कहा कि नारी के अनेक रूप है और वह हर रूप में पुरूषों की पालनहार रही है।

आर्य कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना का चल रहा विशेष शिविर

शासी निकाय
के अध्यक्षा, पंकज जायसवाल जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आर्य संस्कृति को संवाहक हमारी स्वयंसेविकायें स्वामी दयानन्द जी के सपनों को साकार कर सम्पूर्ण विश्य में महाविद्यालय का परचम फहरायेंगी। एस0पी0 मेला, राजीव कुमार मिश्र जी ने भी
संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि मद्यपान कलंक के सामान है और महिलायें
इसके उन्मूलन के लिए सदैव प्रयासरत रहती है। उन्होने मेला क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में मद्यनिषेध के प्रति जागरुकता को लेकर निकाली गयी विशाल रैली को भी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम को प्राचार्या, आर्य कन्या महाविद्यालय, डॉ० रमा सिंह, ने अपने सम्बोधन में कहा कि छात्रायें अपने दृढ संकल्प से मद्यनिषेध को रोकने में
महती भूमिका निभा सकती है क्योंकि ये परिवार और समाज के लिए अभिशाप है। डॉo सुभा उपाध्याय, रश्मि ने भी संगोष्ठी को सम्बोभित किया। स्वयंसेविकाओं ने सुमधुर गीत. नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी।

सभी का स्वागत व संचालन डॉ रंजना त्रिपाठी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ० ज्योति रानी जायसवाल और डों शशि कुमारी ने किया। कार्यक्रन
में डॉ० चित्रा चौरसिया, डॉ0 रेनू जैन, डॉ0 ममता गुप्ता, डॉ० इमा सिरोठिया, अर्थना जायसवाल, नीलम श्रीवास्तव, आशा श्रीवास्तव, अनुपमा श्रीवास्तव, सारिका सिंह, श्रीमती विनीता जायसवाल, श्रीमती मीरा जायसवाल, श्री अरुणेश जायसवाल, श्री रवीन्द्र जायसवाल, समाजसेवी आर.एस. वर्मा आदि उपस्थित रहे।

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