वर्तमान समय में शास्त्र के साथ शस्त्र उठाने की आवश्यकता है, तभी धर्म रक्षा हो सकती हैं- बजरंग मुनि उदासीन

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। माघ मेला क्षेत्र में उदासीन बजरंग मुनि महाराज ने संत महात्माओं के लगे शिविरों में जाकर उनका आशीर्वाद लिया। आशीर्वाद लेने में प्रमुख रूप से सुमेरु पीठ शंकराचार्य नरेंद्रानंद महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया । हमारे संवाददाता को बताते हुए उदासीन बजरंग मुनि ने बताया वर्तमान समय मे शास्त्र से अधिक शस्त्र उठाने की हैं आवश्यकता! शस्त्र ही शांति का प्रतीक है। शस्त्र से ही अधर्म को रोका जा सकता है।महंत बजरंगमुनि उदासीन अपनी कट्टरपंथी धार्मिक सोच के कारण बहुत कम समय मे ही प्रदेश के युवा हिंदुओं के चहेते बन चुके हैं। कई बार विधर्मियों के द्वारा उन्हें साजिश में फँसाने व जान से मारने की कोशिश की गई परन्तु विधर्मी सफल नही हुए हैं। महंत बजरंगमुनि उदासीन जी ने कहाँ कि वर्तमान समय में शास्त्र के साथ शस्त्र उठाने की आवश्यकता है, तभी धर्म रक्षा हो सकती हैं।विधर्मियों के साथ जबतक क्रूरता नही की जाएगी। तबतक सनातन धर्म के ऊपर हो रहे आघात रुक नही सकते। शस्त्र ही शांति का प्रतीक हैं।शस्त्र से ही अधर्म को रोका जा सकता है। पूज्य शंकराचार्य नरेंद्रानंद जी महाराज,
जगद्गुरू राघवाचार्य जी महाराज, जगद्गुरू रविशाचार्य जी,महंत प्रणव पुरी जी,महंत अमृत दास जी महंत उमापति जी,महंत शिवानंद जी,परशुराम अखाड़ा अध्यक्ष, हिन्दू युवा वाहिनी प्रयागराज अम्बिका राय जी,परशुराम सेना अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला जी,रहेंद्र शुक्ला आदि लोगो के विभिन्न शिविरों में आयोजित सम्मान कार्यक्रम में भाग लिया ।



