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गंगा में डुबकी लगाने से दैहिक भौतिक, दैविक,पापों से मुक्ति मिलती है- शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। दण्डी नगर स्थित नागेश्वर धाम में अखिल भारतीय दण्डी सन्यासी परिषद के संरक्षक व शंकराचार्य महेशाश्रम महाराज ने बताया मौनी अमावस्या पर मौन रखकर मन में आराध्य का जप करते हुए संगम अथवा गंगा में डुबकी लगाने से दैहिक (शारीरिक), भौतिक (अनजाने में किए गए पाप), दैविक (ग्रहों, गोचरों का दुर्योग) पापों से मुक्ति मिलती है। पितरों का तर्पण करने से उन्हें शांति मिलती है । और वह आशीर्वाद देते हैैं। कि स्नान के बाद पीपल के वृक्ष का पूजन, तिल के लड्डू, तिल, तिल का तेल, वस्त्र, आंवला आदि दान करना पुण्यकारी है। मौन व्रत रखने के साथ इंद्रियों को वश में रखना चाहिए। स्वामी महेशाश्रम ने बताया इससे आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि जिन जातकों की कुंडली में चंद्रमा नीच का होता है, उन्हेंं मौनी अमावस्या के दिन दूध, चावल, खीर, मिश्री और बताशा दान करना चाहिए।

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