माँ, महात्मा, परमात्मा की वंदना जरूरी – आचार्य प्रसन्न सागर जी

( विनय मिश्रा )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। जीरो रोड स्तिथ श्री दिगम्बर जैन पंचायती सभा (प्रयाग) के तत्वाधान में बुधवार को आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी के परम शिष्य आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने आयोजित धर्मसभा में कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में माँ, महात्मा एवं परमात्मा
की वंदना अवश्य करनी चाहिये। माँ की गोद दुनिया का सबसे पहला तीर्थ है जो बच्चों के लालन पालन के लिए हर संघर्ष करती
है। माँ की गोद में सबसे बड़ी पाठशाला है जहां पर बच्चों को हर प्रकार की सीख मिलती है। ममता की मूरत और क्षमता की
इमारत है माँ। जैन मुनि पीयूष सागर ने अनुयायिओं को धर्म संस्कर और सत्य के मार्ग पर चलने की सलाह दी। धर्मसभा के पूर्व मंगलाचरण बाला जैन , मीना जैन ने किया। काफी संख्या में विभन्न नगरों से जैन अनुयायी दर्शनाथ आये हुए थे।
प्रसन्न सागर के पाद-प्रक्षालन श्री दिगम्बर जैन पंचायती सभा (प्रयाग) के अध्यक्ष दिनेश जैन ने सपरिवार करके आशीर्वाद लिया।
अहिंसा पद-यात्रा में श्रवण जी दोषी, प्रवीण जी, अमीन जी बड़जात्या, साजन (बंटी भैया) के सहयोग से आगे झारखंड स्तिथ
सम्मेद शिखर की तरफ बढ़ रही है। बृहस्पतवार, १८-०२-२०२१, को आचार्य श्री के सानिध्य में तीर्थंकर ऋषभदेव तपस्थली तीर्थ, प्रयागराज तपस्थली तीर्थछेत्र (अंदावा) में महामस्तकाभिषेक का भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा।




