बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए गुरुकुलों का संवर्धन आवश्यक: शंकराचार्य

-गुरुकुल शिक्षा पद्धति के बढ़ावा को जगद्गुरु ने की असम सरकार की सराहना
असम व अरुणाचल की चार दिवसीय यात्रा के बाद प्रयागराज माघ मेला पहुंचे गोवर्धन पुरी पीठाधीश्वर
प्रयाग/गुवाहाटी (अनुरागदर्शन समाचार) । गोवर्धन पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अधोक्षजानंद देवतीर्थ ने कहा है कि बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए देश के प्रत्येक क्षेत्र में गुरुकुल शिक्षा पद्धति का संवर्धन आवश्यक है। गुरुकुलों को बढ़ावा देने के लिए असम की वर्तमान राज्य सरकार की शंकराचार्य ने सराहना भी की है। चार दिवसीय असम- अरुणाचल की यात्रा के बाद आज वह प्रयागराज माघ मेला क्षेत्र स्थित अपने शिविर में पहुंचे हैं। तिनसुकिया के सबिया क्षेत्र में आयोजित लक्षचंडी महायज्ञ की पूर्णहुति के अवसर पर आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अधोक्षजानंद देवतीर्थ ने कहा कि आधुनिकता की भागदौड़ में बच्चों में संस्कारों की कमी आ रही है, जो समाज और देश के हित में नहीं है। असम सरकार द्वारा राज्य के अंदर गुरुकुलों के लिए किये जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना भी की। राज्य के नाम घर और सत्राधिकारों समेत अन्य धर्मस्थलों के लिए आर्थिक अनुदान प्रारम्भ करने के लिए भी उन्होंने असम सरकार की प्रशंशा की। पूर्व में लक्षचंडी महायज्ञ के मुख्य यजमान, असम सरकार की असम गैस कारपोरेशन के चेयरमैन और वहां से भाजपा के विधायक बोलिन सेतिया और क्षेत्रीय जनता ने जगद्गुरु शंकराचार्य का जोरदार स्वागत किया। विधायक बोलिन सेतिया ने इस अवसर पर कहा कि असम राज्य की शांति और प्रगति में शंकराचार्य स्वामी देवतीर्थ का बहुत बड़ा योगदान है। इसके बाद गोवर्धन मठ पुरी पीठाधीश्वर अरुणाचल प्रदेश के लिए रवाना हुए। प्रदेश के प्रवेश द्वार पर नामशाही जिलाधिकारी राजन शर्मा, पुलिस अधीक्षक और क्षेत्रीय लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। जगद्गुरु शंकराचार्य वहां से परसुराम कुण्ड पहुंचे, जहां लोहित जिले के जिलाधिकारी एम सोरा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी अगवानी की। जगद्गुरु देवतीर्थ ने इस दौरान परसुराम कुण्ड में स्नान और पूजा अर्चना की। साथ ही परसुराम कुण्ड तीर्थ क्षेत्र के विकास हेतु अधिकारियों से चर्चा भी की। वहां के विकास के लिए उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री से भी उन्होंने विस्तार से वार्ता करने का आश्वासन उन्होंने वहां उपस्थित संत-महात्माओं को दिया।
पूर्वोत्तर राज्यों की इस चार दिवसीय यात्रा में जगद्गुरु शंकराचार्य का जगह-जगह जोरदार स्वागत हुआ। वरिष्ठ भाजपा नेता उज्जवल फूंकन, असम गैस कंपनी के अध्यक्ष विपुल डेका, वरिष्ठ समाजसेवी किशोर जयंत माधव और असम राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद मुमीनुल ओवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी यात्रा पर्यन्त जगद्गुरु के साथ रहे। केन्द्र सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्री और डिब्रूगढ़ से सांसद रामेश्वर टेली ने भी इस दौरान शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया ।
यात्रा के दौरान सीआरपीएफ 142 बटालियन गोलाघाट असम में कमांडेंट भरत कुमार वैष्णव ने शंकराचार्य जी का स्वागत किया। असम पुलिस अकादमी ढेरगांव के प्रिंसिपल एस पी देवाशीष शर्मा ने अकादमी स्थित आवास में पादुका पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अरुणाचल में बौद्ध धर्मस्थल के धर्म गुरू लामा समेत कई मठ और मंदिरों के पीठाधीश्वरों ने भी शंकराचार्य देवतीर्थ का स्वागत किया।
गौरतलब है कि जगद्गुरु देवतीर्थ इस समय प्रयाग माघ मेले में प्रवास कर रहे हैं। मौनी अमावस्या स्नान पर्व के बाद चार दिवसीय यात्रा पर वह असम और अरुणाचल प्रदेश चले गये थे। दोनों राज्यों में कई कार्यक्रमों में भागीदारी करने के पश्चात आज पुनः वह माघ मेला में आ गए हैं। त्रिवेणी रोड स्थित अपने शिविर में माघ पूर्णिमा तक कई अनुष्ठान सम्पन्न करने के बाद शंकराचार्य देवतीर्थ प्रयागराज से प्रस्थान करेंगे।


