रामानुजाचार्य स्वामी घनश्यामाचार्य ने नेपाल के प्रधानमंत्री के बयान का खंडन किया

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। अनन्तश्रीविभूषित प्रयागपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी घनश्यामाचार्य जी महाराज नेपाल देश के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के बयानों की खंडन करते हुए कहा की ओली जी को शास्त्रो का ज्ञान बिल्कुल नहीं है बल्कि नेपाल देश ही भारत का एक अभिन्न अंग है शास्त्रानुसार अयोध्या का वर्णन श्रीमद्वालमीकीरामायण में स्पष्ट लिखा है

कोशलो नाम मुदितः स्फीतो जनपदों महान् ।
निविष्टः सरयूतीरे प्रभूतधनधान्यवान्।।
कोशल नाम से प्रसिध्द एक बहुत बड़ा जनपद है जो सरयू नदी के किनारे बसा हुआ है सभी तरह से सुखों से सम्पन्न हैं
अयोध्या नाम नगरी तत्रासील्लोकविश्रुता।
मनुना मानवेन्द्रेण या पुरी निर्मिता स्वयम्।। कोशल जनपद में अयोध्या नाम की नगरी है जो उस पुरी को स्वयं मनु महाराज ने बनाया व वसाया था सतयुग में धरती की पहली नगरी भी कहीं जाती है वह परम सुहावनि शोभाशालिनी महापुरी बारह योजना लम्बी और तीन योजन चौड़ी है आयता दश च द्वे च योजनानि महापुरी।वा.रा.
जिसकी महिमा तीनों लोकों से भी न्यारी है अठारहपुराण उपपुराण महाभारत उपनिषद यहां तक की ऋग्वेद में भी अयोध्या वर्णन है पूज्यपाद गोस्वामी तुलसीदास जी भी वर्णन करते हुए लिखते हैं बंदऊ अवधपुरी अति पावनि ।
सरजू हरि कलि कलुष नसावनि ।।
यहां तक की रुद्रयामल में भी अयोध्या का अद्भुतवर्णन है
कोली जी गलत कह रहे हैं की अयोध्या नेपाल में है चारों ओर से घिर चुके है चीन के चंगुल में फंसकर भारत से द्वेष करने लगे इसका फायदा चीन उठाने लगा और कोली जी देखें की भारत भी साथ नहीं देगा तो गलत वयान ही दे डाले जिससे भारत इसी तथ्य को सुलझाने में लगे उनको पता नहीं भारत सदा श्रेष्ठ था है और रहेगा नेपाल भारत का ही एक अंग है जो 1904मे अलग हुआ भारत से अंखत भारत की सीमाएं तो कैलाश के अंतिम छोर तक है नेपाल में कोई भी अयोध्या नगरी थी न ही है वर्तमान में इतिहास में देखें तो उत्तरप्रदेश में ही अयोध्या जनपद था है मुगलों ने फैजाबाद नाम रखा जिला का पुनः 450सौ वर्षों बाद अपनी वास्तविक नाम माननीय योगी जी ने रखा अयोध्या जिला
जहां पर भगवान राम का अवतार हुआ था क्योंकि भगवान वेदवेद्य है
वेद वेद्ये परे पुंसि जातेदशरथात्मजे।
वेदः प्राचेतस्दासीत्
साक्षात रामायणात्मना ।।
नेपाल के ही महान भारत कवि हुए श्रीभानुभक्त जी विक्रमसंवत1910मे जो भानुभक्तीयरामायण की रचना किये नेपाली भाषा में सात कांडों में अध्यात्मरामायण का आधारस्रोत लेकर रचना किये जो नेपाल के हर घर में पहुंची उसमें भी अयोध्या का वर्णन सरयूतट अयोध्या जिला आदि का वर्णन है प्रयागादि का वर्णन है



