आचार संहिता मामले में विनोद सोनकर दोषमुक्त

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा के तहत दर्ज था मुकदमा
( विनय मिश्रा )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने सांसद विनोद सोनकर के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा वापस लेने की शासन की अर्जी मंजूर कर उन्हें दोषमुक्त कर दिया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज आलोक श्रीवास्तव ने एडीजीसी राजेश गुप्ता और विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह को सुन कर दिया है।
घटना 3 अप्रैल 2014 की कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र की है। भारतीय जनता पार्टी से लोकसभा के प्रत्याशी विनोद सोनकर के वाहन से पुलिस ने प्रचार सामग्री और डायरी बरामद की थी, पुलिस ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की पत्रावली स्पेशल कोर्ट में लंबित चल थी।
अभियोजन की ओर से मुकदमा वापसी की अर्जी पर शासन के निर्देशों का हवाला देकर कहा गया कि प्रकरण चुनाव प्रक्रिया से संबंधित है। अपराध सामान्य प्रकृति का है। किसी संपत्ति की क्षति नहीं हुई है, जनता का कोई गवाह नहीं है, विवेचना में आचार संहिता लागू होने के संबंध में अधिसूचना संलग्न नहीं की गई है, अभियोजन ने मुकदमा वापस करने की अनुमति प्रदान करने की याचना की है। कोर्ट ने अभियोजन की अर्जी मंजूर कर मुकदमा वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी तथा आरोपी विनोद सोनकर को उक्त अपराध से दोषमुक्त कर दिया है।



