भाजपा एमएलसी और उनके साथियों पर कार्यालय में घुसकर मारने-पीटने और धमकी देने का लगा आरोप
अधिशासी अभियंता ने थाने में एमएलसी और उनके साथियों के खिलाफ दी तहरीर
एमएलसी ने भी पुलिस को एससी-एसटी एक्ट की दी तहरीर
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। शुक्रवार दोपहर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता टैगोर टाउन मनोज अग्रवाल ने भाजपा एमएलसी सुरेंद्र चौधरी और उनके साथियों पर कार्यालय में घुसकर मारने-पीटने और धमकी देने का आरोप लगाया। मामले की जानकारी पाकर बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस भी आ गई। बाद में अधिशासी अभियंता ने जार्जटाउन थाने में एमएलसी और उनके साथियों के खिलाफ तहरीर दी है। एमएलसी ने भी पुलिस को एससी-एसटी एक्ट की तहरीर दी है।
*एमएलसी ने आरोपों को बताया गलत, अधिशासी अभियंता पर ही इल्जाम*
एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने आरोपों को गलत बताते हुए खुद के साथ अभद्रता का आरोप लगाते हुए अधिशासी अभियंता के खिलाफ थाने में प्रार्थना पत्र दिया है। अधिशासी अभियंता मनोज अग्रवाल का आरोप है कि गुरुवार को वह मेंहदौरी इलाके में प्रवर्तन दल के साथ मीटरों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक घर में बिजली चोरी पकड़ी गई। उसी समय एमएलसी सुरेंद्र चौधरी का फोन आया और उन्होंने वहां से जाने की बात कही। इंकार करने पर फोन पर ही धमकी दी गई। यह भी आरोप है कि शुक्रवार को अपराह्न करीब तीन बजे वह टैगोर टाउन स्थित अपने कार्यालय में बैठे थे। उसी समय एमएलसी सुरेंद्र चौधरी अपने 15-20 समर्थकों के साथ असलहा लेकर दाखिल हुए। मेज पर रखी फाइलों को फेंकते हुए माेबाइल छीन लिया। उनके साथियों ने उनको पकड़ लिया और घसीटते हुए बाहर की तरफ लाने लगे। इस दौरान उनको पीटा भी गया। कर्मचारियों ने बीच-बचाव की कोशिश की तो धक्का देकर उनको हटा दिया गया। महिला कर्मचारी मुख्य गेट पर खड़ी हो गईं, तब जाकर उनको छोड़ा गया। मनोज अग्रवाल का कहना है कि उस समय वह व्यक्ति भी एमएलसी के साथ मौजूद था, जिसके यहां बिजली चोरी पकड़ी गई थी। मामले की जानकारी पाकर जार्जटाउन पुलिस के साथ ही सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह चौहान मौके पर पहुंचे।
*कई बार फोन लगाया,नहीं उठाया तो गए दफ्तर*
एमएलसी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बेबुनियाद हैं। जनप्रतिनिधि होने के कारण मैंने अधिशासी अभियंता को छह-सात बार फोन लगाया, लेकिन फोन नहीं उठा। जिस पर मुख्य अभियंता को फोन लगाकर इस बारे में बताया। इसके बाद सीधे अधिशासी अभियंता के कार्यालय पर पहुंच गया। अधिशासी अभियंता के सामने पहुंचकर उनको फोन लगाया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। अपना परिचय देते हुए जब उनसे फोन न उठाने की बात को पूछा गया तो कहा गया कि नंबर सेव नहीं है, इसलिए नहीं उठाया। इसके बाद वह जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहने लगे कि बहुत विधायक देखा हूं। एमएलसी का कहना है कि जिस व्यक्ति के यहां बिजली चोरी पकड़ने की बात कही जा रही है, उसके खिलाफ अभी तक एफआइआर तक नहीं की गई है। 50 हजार रुपये मांगा गया था। जार्जटाउन थाना प्रभारी बृजेश सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों ने तहरीर दी है। जांच की जा रही है और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।



