कल्पवासियों का 10 जनवरी से आना शुरू

मेले की तैयारियां अभी तक पूरी नहीं हो सकी
( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । माघ मेला 2022 के लिए कल्पवासियों का आना 10 जनवरी से शुरू हो जाएगा, लेकिन मेले की तैयारियां अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। दो दिन की बारिश ने परेशानी और बढ़ा दी है। बारिश के कारण माघ मेले की तैयारियां कम से कम एक हफ्ते पिछड़ गई हैं, जबकि मेले का पहला स्नान पर्व 14 जनवरी को मकर संक्रान्ति के साथ शुरू हो जाएगा। माघ मेले के लिए जमीन आवंटन पांच जनवरी तक किया गया। जमीन आवंटन के तत्काल बाद संस्थाओं को तंबू लगाकर बंदोबस्त करने थे, लेकिन गुरुवार सुबह से बारिश शुरू होने के बाद मेला क्षेत्र में हर ओर दलदल व कीचड़ हो गया। बारिश शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। बारिश के कारण गंगापार क्षेत्र के काली मार्ग, त्रिवेणी मार्ग, संगम लोअर मार्ग, रामानंदा अ मार्ग, रामानंदा ब मार्ग पर एकदम सन्नाटा था। मोरी मार्ग पर जहां अभी दो दिन पूर्व ही जमीन का आवंटन किया गया है, वहां पर भी लोग नहीं दिख रहे थे। जो प्लाट तैयार किए गए थे, वहां पर एक बार फिर दलदल हो गया था। त्रिवेणी मार्ग पर एक प्लाट के अंदर काम चल रहा था, लेकिन बारिश के कारण श्रमिकों ने काम रोक दिया। बारिश में पड़ा पुआल भीग रहा था। माघ मेले का पहला स्नान पर्व करीब आने के कारण इस वक्त तैयारियों को अंतिम रूप देना था, लेकिन मेले की तैयारियां पिछड़ रही हैं। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी समिति के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम का कहना है कि बारिश के कारण परेशानी हो रही है। इसके चलते अब काम कुछ दिन रोकना होगा। तीर्थ पुरोहित राजेंद्र पालीवाल का कहना है कि अब तक 60 फीसदी तीर्थ पुरोहितों का आवंटन रुका हुआ है। बारिश के कारण नाप-जोख नहीं हो सकी है। ऐसे में अब तैयारियां बहुत पिछड़ गई हैं।
*शिविरों में हो गया जलभराव*
अन्नपूर्णा मार्ग के शिविरों में जलभराव हो गया है। शिविरों में काम करने वाले श्रमिकों का कहना था कि अब जब धूप निकलने के बाद यहां एक रेत डालकर एक बार फिर ट्रैक्टर चलाना होगा। इसके बाद पानी सूखेगा तभी आगे काम कर सकेंगे।
*पांटून पुलों पर गुजरने में बड़ा खतरा*
पांटून पुलों से गुजरने में सबसे अधिक परेशानी हो रही थी। पुलों का काम अभी कुछ हद तक बाकी है। बारिश में चकर्ड प्लेट पर मिट्टी आ गई और वाहन लगातार फिसल रहे थे। इससे लोगों को परेशानी हो रही थी।
स्नान से पहले आएगी भीड़
माघ मेले का पहला स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ शुरू हो जाएगा। जबकि 17 जनवरी को पौष पूर्णिमा है। ऐसे में अधिकांश कल्पवासी 10 से 12 जनवरी के बीच मेला क्षेत्र पहुंच जाएंगे।



