गवई राजनीति के कारण उपेक्षा का शिकार बना 60 वर्षों से पुराना सोरांव गाँव का पंचायत भवन

60 वर्ष पुराना सोरांव गाँव का पंचायत भवन अपनी दुर्दशा पर बहा रहा है घड़ियाली आंसू
प्रधान द्वारा गाँव में पहले से एक पंचायत भवन होने के बाद भी बनाया गया दूसरा पंचायत भवन
( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। विकास खंड उरुवा के ग्राम पंचायत सोरांवपाँती के पूर्व प्रधान केशव प्रसाद शुक्ल की अध्यक्षता में गांव के सामान्य नागरिकों की एक खुली बैठक पंचायत भवन सोरांवपाँती (मेजारोड से सिरसा मुख्य मार्ग) में आहूत की गई। उक्त बैठक में मुख्य रूप से गाँव के पूर्व प्रधान गुलाब कोल, पूर्व प्रधान निर्मला देवी, पूर्व प्रधान कुसुम देवी तथा नागेश्वर प्रसाद शुक्ल पूर्व प्रधान सोरांवपाँती के साथ-साथ गांव सभा के अनेक गणमान्य व्यक्तियों सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामवासियों ने बैठक में भाग लिया और अपनी-अपनी समस्याओं को सभा के समक्ष रखा तथा कहा कि गवई राजनीति व भाई-भतीजे के चक्कर में उक्त समस्याओं का समाधान ग्राम प्रधान स्तर पर संभव नहीं है। क्योंकि उक्त सारी समस्याओं को लेकर ग्रामवासीयों द्वारा अपने प्रधान से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी निस्तारण नहीं किया जा रहा है। अंत में मजबूर होकर ग्रामवासियों को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु जिला व ब्लॉक स्तर के सरकारी अधिकारियों के समक्ष शिकायती पत्र के रूप में ज्ञापन दिए जाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। उक्त अवसर पर उपस्थित सोरांवपाँती के पूर्व प्रधान गुलाब कोल ने सभा के समक्ष अपने ग्राम पंचायत सोरांव पाँती के 60 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक पंचायत भवन की दुर्दशा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायत भवन सोरांवपाँती गवई राजनीति के कारण उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। उन्होंने वर्तमान प्रधान पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक भवन के प्रति प्रधान की नियत साफ नहीं है और वे इसे चोरी-छिपे बेच भी सकते हैं। जिसके कारण करोड़ों रुपए की सरकारी संपत्ति का नुकसान होगा। विदित हो कि विकास खंड उरुवा के अंतर्गत ग्राम सभा सोरांवपाँती में लगभग 60 वर्षों से निर्मित पुराना पंचायत भवन अपनी दुर्दशा पर घड़ियाली आंसू बहा रहा है। विगत दिनों ग्राम प्रधान द्वारा अपने निजी लाभ के चक्कर में एक अनुपयोगी स्थान पर गांव के किनारे नया पंचायत भवन बनाकर सरकार को लाखों रुपए का चूना लगाया गया है। जो कि गाँव से एक से बाहर है। जबकि ऐसे नवनिर्मित पंचायत भवन की गांव सभा को कोई उपयोगिता व आवश्यकता नहीं थी। फिर भी प्रधान ने अपने निजी आर्थिक लाभ के चक्कर में गांवसभा में पहले से ही पंचायत भवन होने के बावजूद नए पंचायत भवन का निर्माण करवा दिया और सरकारी धन का दुरुपयोग किया। जो कि भौगोलिक दृष्टि से अनुपयोगी साबित हो रहा है। जबकि सोरांवपाँती का पुराना पंचायत भवन गांव सभा के मध्य पीडब्ल्यूडी सड़क के बगल सिरसा मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण अत्यंत उपयोगी हैं। जिसका जीर्णोधार कराया जाना अति आवश्यक है।


