Latest

मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे हैं लोग

मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे हैं लोग*निगम कर्मी भी पॉजीटिव होने से धीमा है प्रमाणपत्र बनाने का काम*

( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कोरोना महामारी ने ऐसा कहर ढाया है । कि शहर के श्मशान घाटों पर शवों के ढेर लगते हैं। प्रत्येक श्मशान घाट पर प्रतिदिन औसतन 30 से 40 शवों की अंत्येष्टि हो रही है। सबसे ज्यादा अंतिम संस्कार रसूलाबाद और दारागंज घाटों पर हो रहा है। श्मशान घाटों पर बढ़े शवों का आंकड़ा तो प्रशासनिक गिनती से अलग ही कहानी कहता है। नगर निगम द्वारा एक अप्रैल से 27 अप्रैल तक एकत्रित कराए गए आंकड़े के मुताबिक दारागंज विद्युत शवदाह गृह में करीब 400 शवों का अंतिम संस्कार हुआ। इसमें 20 से ज्यादा लावारिश शव भी शामिल हैं। शंकरघाट विद्युत शवदाह गृह में 130 से ज्यादा अंत्येष्टियां हुईं। दारागंज घाट पर एक से 16 अप्रैल तक करीब 350 शवों का दाह संस्कार किया गया था। रसूलाबाद घाट पर भी औसतन 30 से 40 शव जलाए जा रहे हैं। फाफामऊ घाट पर शवों के जलाने का प्रतिदिन का औसत आंकड़ा 20 से 25 का है। निगम के जानकारों का कहना है कि रसूलाबाद घाट पर प्रतापगढ़ और जौनपुर जिलों के शव भी जलाए जाते हैं। शहरी क्षेत्र के लोगों के निधन होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी निगम दफ्तरों में भीड़ जुट रही है। लेकिन, जोन कार्यालयों से लेकर निगम मुख्यालय तक तमाम स्टॉफ के कोविड पॉजिटिव होने के कारण तेजी से प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। इसके बावजूद मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की संख्या अधिक होने से निगम भी परेशान हो जा रहा है। जानकारों का कहना है कि जितने आवेदन मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए इस महीने हुए, हाल के महीनों में कभी नहीं हुआ।

Related Articles

Back to top button