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हर ओर मौत का खेल चल रहा है, ऐसे में कैसी ईद- तनवीर ज़ैदी

(विनय मिश्रा) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इंडियन फ़िल्म इंडस्ट्री के चर्चित एक्टर तनवीर ज़ैदी से पवित्र रमज़ान के चल रहे अंतिम सप्ताह में भेंट की और रमज़ान और ईद के संदर्भ में बातचीत की, प्रस्तुत है प्रमुख अंश –

रमज़ान में रोज़े कैसे चल रहे हैं?

तनवीर ज़ैदी- सच बोलूं, मैं रोज़े नहीं रख पाता, डॉक्टर ने खाली पेट न रहने की राय दी है, अपने टीनएज के दिनों में रोज़ा रखने के कारण दो बार अस्पताल में एडमिट हो चुका हूँ, तभी से छूट गया ।

रोज़ेदारों के विषय में कुछ कहना चाहेंगे ?

तनवीर ज़ैदी- जी, यह आस्था का विषय है, लगभग सभी धर्मों में व्रत की परम्परा है, जो लोग इसका पालन करते हैं उन्हें निश्चित लाभ होता है, एक पल के लिए धर्म को परे कर के वैज्ञानिक कारणों के अनुसार भी सोचें तो व्रत रखना सेहत के हिसाब से भी लाभकारी है।

इसबार ईद पर क्या कुछ करेंगे?

तनवीर ज़ैदी- देखिए, ईद
रोज़ेदारों का पर्व है, अब जब मैंने रोज़े रक्खे नहीं तो ईद पर जश्न मनाने का मेरा अधिकार नहीं है। मेरी दृष्टि में पर्व, उत्सव पर हर्ष उल्लास बचपन में आनंद देते हैं, इस उम्र में त्योहार बस रिचुअल बनकर रह जाते हैं। और सबसे बड़ी बात आज कोरोना काल में जब नए कपड़ों से अधिक कफ़न बिक रहे हैं ऐसे में कैसी ईद और कैसी बकरीद ।
हाँ जो रमज़ान में दुआ कर रहा हूँ वही ईद पर भी करँगा कि ऊपरवाले अब रहम कर और इस महामारी से निजात दे दीजिये, हमारे देश को और सम्पूर्ण विश्व को इस महामारी से बाहर कर के लोगों की झोली में खुशियां ही खुशियां भर दीजिये ।

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