बैंक अधिकारी को नहीं मिली अग्रिम जमानत

लोन की फर्जी गारंटी सत्यापन का है आरोप
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मिलीभगत से करोड़ों के लोन का फर्जी सत्यापन करने वाले बैंक अधिकारी राजेश कुमार की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने सही तथ्यों के साथ अर्जी न देने के आधार पर अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया लेकिन 60 दिन में सरेंडर कर नियमित जमानत अर्जी दाखिल करने तक याची के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने दिया है। सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश व एडवोकेट संजय यादव ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में याची के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इसी आधार पर सीबीआई अदालत गाजियाबाद ने उसकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यहां इस तथ्य को छिपाकर राहत मांगी गई है। मामले के तथ्यों के अनुसार याची बैंक ऑफ बड़ौदा गंगानगर मेरठ का बैंक अधिकारी था, जिसे कंपनी की गारंटी का सत्यापन करना था लेकिन उसने सह अभियुक्त प्रमोद कुमार के कहने पर फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेज दी।



