Latest

प्रयागराज से मई में 169 उड़ानें रहीं निरस्त

विमान सेवा पर भी कोरोना की काली छाया

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कोरोना महामारी की काली छाया हवाई सफर पर भी पड़ी है। यात्री नहीं मिलने की वजह से निजी विमानन कंपनियों को उड़ानें निरस्त भी करनी पड़ रही है। सामान्य दिनों में 1200 से 1500 यात्रियों का आवागमन था, जो संक्रमणकाल में घटकर 500 से 600 रह गया। सोमवार को 461 लोगों का आवागमन हुआ।
मई में 169 उड़ानें निरस्त रहीं
प्रयागराज एयरपोर्ट से मुंबई, पुणे, दिल्ली, गोरखपुर, रायपुर, भोपाल, देहरादून, भुवनेश्वर व बिलासपुर की कनेक्टीविटी है। हवाई सेवाओं पर कोरोना संक्रमण का असर देखा जा रहा है। मई की बात करें तो 169 उड़ानें निरस्त रहीं। जबकि दो मई को अधिकतम 863 और 17 मई को न्यूनतम 260 लोगों ने हवाई सफर किया। यात्री नहीं मिलने से निजी विमानन कंपनियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। 17 और 26 मई को महज दो शहरों के लिए विमानों ने उड़ान भरी थी। प्र्रस्थान करने की अपेक्षा इस माह लौटने वालों की संख्या अधिक रही। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि उड़ान निरस्त होने के बाद रिफंड के लिए उन्हें कई बार इंतजार भी पड़ता है। मई में कुल 16,217 यात्रियों का आवागमन हुआ। संक्रमण का असर ऐसा रहा कि हवाई सफर करने वालों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से यात्रियों की संख्या में कमी आने लगी। यही वजह है कि कई बार उड़ानों का निरस्त किया जाता है। इसका खामियाजा अन्य जरूरतमंद यात्रियों को भुगतना पड़ता है। हालांकि उन्हें सफर करने का मौका भी दिया जाता है। मई में आठ हजार 891 यात्री प्रयागराज आए। जबकि सात हजार 326 लोगों ने यहां से विभिन्न शहरों के लिए हवाई सफर किया। अप्रैल में 31 हजार 366 लोगों का प्रयागराज एयरपोर्ट में आवागमन हुआ था।

Related Articles

Back to top button