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छह साल बाद मिली बिछड़ी बेटी तो भर आयी आंखे

रंग लाई समाजसेवी अरशद नवाज़ की मेहनत

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। प्रयागराज की रहने वाली शाहीन को छह साल बाद उसके अपने ही शहर के समाजसेवियों की मदद से बिछड़ा हुआ परिवार मिल गया। बेटी के मिलने की आस खो चुके मां-बाप ने जब उसे देखा तो आंखों से आंसू निकल पड़े। शाहीन जब सिर्फ 11 साल की थी तब वह नाराज़ होकर घर से निकल गयी थी और मुंबई एवं गाजियाबाद में रही।
शहर के अकबरपुर के रहने वाले समाजसेवी अरशद नवाज़ के पास बीते शुक्रवार को उनके मित्र अनवर खान के जरिये एक वीडियो पहुंचा। वीडियो में प्रयागराज के मम्फोर्डगंज के रहने वाली शाहीन बता रही है कि साल 2015 में वह 11 साल की थी तो घरवालों की डांट से नाराज़ होकर मुम्बई चली गयी थी। वहां डोंगरी के अनाथ आश्रम में रही फिर उसे वहां से गाजियाबाद के आशादीप अनाथ आश्रम भेज दिया गया।
शाहीन ने एक वीडियो बनाकर अपने पिता का नाम सलीम और मां का नाम तबस्सुम बताया। उसने अपने दो भाइयों के नाम भी बताए और मम्फोर्डगंज में अपने घर का पता भी बताया। वह अपने घर पहुंचने की गुहार लगाती दिखी। वीडियो देखकर जब अरशद और उनके साथी शाहीन के बताए पते पर पहुंचे तो वह परिवार वहां नहीं मिला। काफी मशक्कत के बाद शाहीन के माता-पिता कैंट क्षेत्र के म्योराबाद में मिल गए। उन्हें जब अपनी बेटी के बारे में पता चला तो उनकी आंखें भर आयी।
शाहीन को उसके परिवार से मिलाने की आस लिए अरशद ने किशोर न्यायालय के मजिस्ट्रेट एमएच ज़ैदी (सैम ज़ैदी) से सम्पर्क किया। ज़ैदी ने गाजियाबाद किशोर न्यायालय मजिस्ट्रेट मधु से बात की। मधु के जरिये ग्रेस होम केयर गाज़ियाबाद के संचालक सुमित से ज़ैदी और अरशद ने शाहीन के परिवार से बात कराई। परिवार सोमवार रात गाज़ियाबाद रवाना हुआ और बुधवार सुबह शाहीन परिजनों के साथ अपने शहर प्रयागराज लौट आई। जंक्शन से अरशद और उनके साथियों ने शाहीन को उसके घर तक पहुंचाया।

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