जनहित के मुद्दे उठाने पर नगर निगम सदन में भाजपा वरिष्ठ पार्षद एवं मुख्य सचेतक किरन जायसवाल से जबरन माफी मंगवाने का डाला गया दबाव!

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन पर जनता से यूजर चार्जेस वसूलने का विरोध निजी कंपनी जिसकी केवल एक लाख की हैसियत है और 22 दिसम्बर रजिस्ट्रेशन हुआ है को कूड़ा कलेक्शन का काम देने में अनियमितता का लगातार विरोध कर रही वरिष्ठ पार्षद एवं नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की मुख्य सचेतक किरन जायसवाल पर महापौर श्रीमती अभिलाषा गुप्ता एवं कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा माफी मांगने का नगर निगम सदन में दवाव बनाया गया और नही मांगने पर सदन की कार्रवाई से निलंबित करने का प्रस्ताव रखा गया जिस पर वरिष्ठ पार्षद किरन जायसवाल ने माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि उनसे लिखित स्पष्टीकरण पूछा जाए माफी किस बात की किरन जायसवाल ने सदन में प्रश्न किया की कोरोना काल में जहां केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार जनता को मुफ्त राशन नवंबर तक दे रही है यहाँ कौन सी ऐसी मजबूरी पड़ गई कि जनता पर यूजर चार्ज प्राइवेट कंपनी को लगाकर वसूला जा रहा है जल संस्थान के द्वारा 6 साल का पुराना एरियर जनता से मांगा जा रहा है जिससे जनता पर आक्रोश है महापौर अड़ी की पहले किरन जायसवाल माफी मांगे तब बोले परंतु पार्षद किरन जायसवाल ने माफी मांगने के औचित्य पर सवाल खड़ा करते हुए कहा नगर निगम सदन जनहित के मुद्दे उठाने पर किसी को माफी मांगने से बात कैसे कर सकता है अगर उन्होंने कोई गलती की है कि लिखित स्पष्टीकरण मांगा जाए अंततः पार्षद ने माफी नहीं मांगने पर कायम रही और माफी नहीं मांगी उन्होंने कहा कि अगर विधि सम्मत तरीके से आप मेरी सदस्यता समाप्त कर सके तो मैं तैयार हूं परंतु जनहित के मुद्दे उठाना जारी रहेगा ! पार्षद किरन जायसवाल मांग किया है कि हरि भरी और एडब्ल्यूपी को नगर निगम में कितना भुगतान किया है उसको नगर निगम सदन में रखा जाए एवं इन कंपनियों से क्या घाटा क्या फायदा जनता नगर निगम को हुआ वह रखा जाए पार्षद ने कहा कि एडब्ल्यूपी एवं हरी-भरी नगर निगम का और जनता का लगभग ₹40 करोड़ का नुकसान कर चुकी है पार्षद ने कहा कि पिछली दोनों कंपनियां एडब्ल्यूपी एवं हरी भरी नगर निगम से डीजल लेती थी और नगर निगम से 40 करोड़ का भुगतान लिया है इसे महापौर सदन में क्यो नही बताती है फिर एक निजी कंपनी पर भरोसा किया जा रहा है जिसकी हैसियत मात्र ₹1 लाख है और टेंडर देने के चंद दिन पहले उसका रजिस्ट्रेशन हुआ है इसके द्वारा किसी तरह का कोई धरोहर राशि नहीं जमा की गई और 25 करोड़ के लोडर डंपर जेसीबी भाई जी उसे सौंप दिया गए हैं यह एक बहुत बड़ा घोटाला है।



