सावन में सोमवार को भगवान शिव व मंगलवार को माता पार्वती की पूजा का है विधान: स्वामी महेशाश्रम

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार) । नागेश्वर धाम श्री दंडी स्वामी आश्रम में अखिल भारतीय दंडी सन्यासी परिषद के संरक्षक जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम ने दूसरे सोमवार पर अनुराग दर्शन संवाददाता को बताया की हिंदू कैलेंडर में सावन या श्रावण पांचवां महीना है। भगवान शिव के सावन मास में ही जन्माष्टमी, तीज और रक्षा बंधन जैसे हिंदू त्यौहार मनाए जाते हैं। इसके अलावा प्राचीन हिंदू शास्त्रों के अनुसार सावन का महीना हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक भगवान शिव की पूजा ही प्रधान है। स्वामी महेशाश्रम ने कहा कि सावन सोमवार के दिन जहां हिंदू भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं वहीं सावन के पूरे महीने में शिव भक्ति के साथ ही प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की पूजा करके उनके दिव्य आशीर्वाद की प्राप्ति की कामना करते हैं। स्वामी महेशाश्रम ने बताया कि हिंदू धर्म में श्रावण का पूरा महीना भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है। यूं तो साल का हर सोमवार भगवान शिव की पूजा के लिए खास माना जाता है लेकिन श्रावण के सभी सोमवार उपवास के लिए अत्यधिक शुभ व विशेष माने जाते हैं। कई भक्त सावन महीने के पहले सोमवार से सोलह सोमवार उपवास रखते हैं।स्वामी महेशाश्रम ने कहा इस महीने के सभी मंगलवार भगवान शिव की पत्नी देवी पार्वती को समर्पित हैं। ऐसे में श्रावण मास के सभी मंगलवार को महिलाएं उपवास रख देवी पार्वती की पूजा करती हैं। इस व्रत को मंगल गौरी व्रत के नाम से जाना जाता है।



