कोरोना के कारण मेडिकल जांच कराने में असमर्थता पर क्या है नीति: हाईकोर्ट

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व पुलिस भर्ती बोर्ड से पूछा है कि कोविड 19 व लॉकडाउन के कारण पुलिस-पीएसी भर्ती की मेडिकल जांच न करा पाने वाले सफल अभ्यर्थियों के लिए कोई नीति तय की गई है या नहीं। साथ ही लॉकडाउन में फंसे अभ्यर्थियों का बाद में मेडिकल जांच कराने का कोई प्रावधान है या नहीं।
यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने उन्नाव के श्यामू कुमार की याचिका पर अधिवक्ता एमए सिद्दीकी को सुनकर दिया है। अधिवक्ता का कहना है कि याची 49568 पुलिस-पीएसी भर्ती परीक्षा व शारीरिक टेस्ट में सफल घोषित किया गया। उसे मेडिकल जांच के लिए 10 सितंबर 2020 को डीआईजी कानपुर नगर की ओर से बुलाया गया। उस समय वह मुंबई में था। देश में कोरोना के कहर से लॉक डाउन के कारण जांच के लिए पहुंच पाना उसके लिए दुरूह था। एसपी जालौन ने याची की अभ्यर्थिता निरस्त कर दी तो कठिनाइयों की जानकारी के साथ पुनर्विचार के लिए प्रत्यावेदन दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में डीआईजी प्रशासन लखनऊ ने अधिसूचना जारी की है, जिसमें 17360 सफल अभ्यर्थियों को मेडिकल जांच के लिए आठ मार्च को बुलाया था लेकिन सफल होने के बावजूद याची को अवसर नहीं दिया जा रहा है।


