बताशा मंडी चौक में इमामबाड़े की जमीन पर बने अवैध निर्माण को पीडीए ने ध्वस्त किया

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। प्रयागराज में वक्फ बोर्ड की जमीन पर अवैध तरीके से कराए गए निर्माण का बुधवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने ध्वस्तरीकरण करा दिया। बाकी बचा हुआ कार्य बृहस्पतिवार को पूरा कराते हुए वहां का मलबा भी हटवाया जाएगा। ध्वस्त कराए गए निर्माण को बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबी ने अवैध तरीके से कराया था। जिसकी सीबीआई जांच भी चल रही है।
इमामबाड़े के आगे बिना नक्शा पास कराए सपा सरकार में बना दी गईं थीं 64 दुकानें
प्रयागराज के शहर कोतवाली अंतर्गत बताशा मंडी, चौक में करीब 200 साल पुराना इमामबाड़ा है। जिसमें वर्ष 2016-17 में वक्फ बोर्ड के यहां के मुतवल्ली वकार रिजवी जो कि पूर्व सांसद अतीक अहमद का करीबी बताया जा रहा है, ने वक्फ बोर्ड को झांसा देकर इमामबाड़े के सामने मार्केट बनाने और उससे अच्छी आमदनी होने का सुझाव दिया था। उसके प्रस्ताव पर बोर्ड ने सहमती जताते हुए उसे इमामबाड़े के सामने बहुमंजिली 64 दुकाने बनाने की इजाजत दे दी। उस दौरान अतीक अहमद के बल पर मुतवल्ली ने वहां फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों से जगह खाली कराकर कंस्ट्रक्शन कार्य शुरू करा दिया था और कुछ महीने में ही तीन मंजिला बिल्डिंग बना डाली थी। इस बीच दूसरे पक्ष के लोगों ने इस निर्माण के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर दी थी। जिसमें हाईकोर्ट ने स्टे कर दिया था।
पीडीए ने छह महीने पहले निर्माणाधीन बिल्डिंग के अगले हिस्से को कराया था ध्वस्त
इसकी शिकायत दूसरे पक्ष की तरफ से शासन स्तर पर हुई। उसके बाद वर्ष 2019 में सरकार ने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की अनुमति दे दी थी। जो अभी चल रही है। फरवरी 2021 में प्रयागराज विकास प्राधिकरण की टीम ने इस निर्माणाधीन बिल्डिंग का अगला हिस्सा इस बेस पर ध्वस्त करा दिया था कि उसका नक्शा नहीं पास था। बाकी बचे पीछे के हिस्से को भी बुधवार को पीडीए के जोनल प्रवर्तन दल ने बुधवार को ध्वस्त करा दिया। जोनल प्रभारी आलोक पांडेय और जोनल अधिकारी शिवानी सिंह मौके पर मौजूद थे। जोनल प्रभारी आलोक पांडेय ने बताया कि निर्माण अवैध था, इसलिए ध्वस्तीकरण कराया गया। मलबा हटवाने का कार्य बृहस्पतिवार को कराया जाएगा। इस प्रकरण की हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता फरमान अहमद ने बताया कि निर्माण से पहले ही यहां बनने वाली दुकाने बेंच दी गईं थी। उनका दावा है क उनके पास ऐसे तकरीबन एक दर्जन एग्रीमेंट के कागजात है, जिनमें मुतवल्ली और उनके लोगों ने 60 से 80 लाख रुपए प्रति व्यक्ति से एडवांस ले रखा है।



