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सनातन धर्म, संस्कृति एवम् परम्परा के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया – शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द

( अनुराग शुक्ला ) वाराणसी (अनुराग दर्शन समाचार )। आज ब्रह्मलीन स्वामी हरिहरानन्द सरस्वती “स्वामी करपात्री जी महाराज” के जयन्ती के अवसर पर श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज ने उपस्थित शिष्यों एवम् श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा कि स्वामी करपात्री जी महाराज ने सनातन धर्म, संस्कृति एवम् परम्परा के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया | उनका मानना था कि यदि सनातन धर्म को संरक्षित और संवर्धित करना है तो सनातन संस्कृति के स्तम्भों (जैसे-गाय,गंगा आदि) को नष्ट होने से बचाना पड़ेगा | उन्होंने गोरक्षा के लिए बहुत बड़ा आन्दोलन खड़ा किया था | शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि स्वामी करपात्री जी महाराज ने अनेक ग्रंथो की रचना की, जो समस्त सनातन धर्मावलम्बियो के लिए पाथेय है | स्वामी करपात्री जी महाराज का सपना तभी पूर्ण होगा, जब भारत वैदिक हिन्दू राष्ट्र घोषित होगा तथा गाय को राष्ट्र माता के रूप में प्रतिष्ठित किया जायेगा | इस अवसर पर शंकराचार्य जी महाराज के निजी सचिव स्वामी बृजभूषणानन्द जी महाराज, पं० सोनू जी महाराज, सुनील पाण्डेय, मुकेश श्रीवास्तव, शुभम् अग्रवाल, सुजीत कुमार, बिक्रान्त अग्रवाल सहित अन्य लोग उपस्तिथ थे |

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