13 अगस्त को प्रयागराज में कई पात्रों को वितरित की जाएगी टार्मलोन की धनराशि और शादी अनुदान का प्रमाण पत्र

और प्रभावी तरीके से तेज होगी वक्फ बोर्ड की जमीनों पर अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रियाः नन्दी
– मदरसों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेषज्ञों की समिति गठित किए जाने के निर्देश
– अल्पसंख्यकों के शेष धनराशि वितरण में नहीं होगी देरी, प्रयागराज से हो रही ऋण वितरण की शुरूआत*
(अनुराग शुक्ला )
लखनऊ (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी‘ ने आज अपने विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की. जिसमें मंत्री नन्दी ने वक्फ बोर्ड की सम्पत्तियों एवं जमीनों पर किए गए एवं किए जा रहे अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
समीक्षा बैठक में मंत्री नन्दी ने मदरसों गुणवत्ता पूर्ण और रोजगार परक शिक्षा के लिए राज्य स्तरीय क्या नए उपाय किए जा सकते हैं, इसके सुझाव के लिए राज्य स्तर पर विशेषज्ञों की एक समिति गठित किए जाने एवं जल्द ही प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
समीक्षा बैठक में पूरे प्रदेश में वक्फ बोर्ड की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जा को मुक्त कराने पर मंथन हुआ। मंत्री नन्दी ने कहा कि पूरे प्रदेश में वक्फ बोर्ड की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जे की लिस्ट और रिपोर्ट तैयार की जाए। वक्फ सम्पत्तियों पर जितने भी अवैध कब्जे हैं, उनको हटाए जाने की प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंत्री नन्दी ने कहा कि ऋण वितरण में जो शेष धनराशि है, उसका ऋण वितरित किया जाए। इसी क्रम में 13 अगस्त को प्रयागराज में ऋण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें टर्मलोन योजना के चयनित लाभार्थियों एवं शादी अनुदान योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिया जाएगा। मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम में निर्माणाधीन इकाईयां हैं, उनको पूर्ण किए जाने के लिए बजट जारी किया जाए, नवीन परियोजनाओं की स्थापना के लिए तत्काल अधिकारिक प्रस्ताव प्राप्त किए जाएं। जिन 12 जिलों से प्रस्ताव नहीं आए हैं, उनके लिए विशेष प्रयास किए जाएं। सेेवा सम्बंधी प्रकरणों के निस्तारण के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक के. रविंद्र नायक, अल्पसंख्यक निदेशक सी.इंदुमती, विशेष सचिव डीएस उपाध्याय, जे.पी. सिंह, शिवाकांत द्विवेदी, संयुक्त निदेशक एसएन पांडेय, आरपी सिंह आदि अधिकारीगण मौजूद रहे।




