Latest

जो बनाता है इंसान को इंसान,ऐसे गुरु को हम करते हैं प्रणाम

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कहते हैं कि गुरु के बिना ज्ञान अधूरा होता है। एकलव्य को कोई गुरु नहीं मिला तो उन्होंने द्रोणाचार्य की प्रतिमा रखकर उनको गुरु मान लिया और खुद से धनुर्विद्या सीखा। बाद में गुरु द्रोणाचार्य ने उनसे गुरु दक्षिणा में उनकी उंगली मांग ली और उन्होंने दे दिया। एकलव्य जानते थे कि गुरु बिना कुछ नहीं होगा। गुरु का आशीर्वाद हमेशा चाहिए। ये कहना है फ़िल्म प्रचारक सोनू यादव का उहोंने कहा ही की मुझे ज्ञान देने वाले सभी शिक्षकों को प्रणाम करता हूं हमेशा उन सभी लोगो का आभारी रहूंगा जिनसे कुछ सीखने को मिला वही स्पेशली निर्देशक धीरु यादव जी के बारे में कहा कि धीरु जी का मेरी सिनेमा लाइफ बहुत योगदान है उन्होंने बड़े भाई ,गुरु के रूप में बहुत कुछ सिखाया और ऐसे ही उनका प्यार आशीर्वाद बना रहे ।

Related Articles

Back to top button