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आरक्षण का आधार जाति नहीं आर्थिक स्थिति हो-राकेश मिश्रा

आरक्षण संशोधन आंदोलन संघर्ष समिति ने आरक्षण की जातिगत व्यवस्था को समाप्त करने की उठाई मांग

(अनन्त पाण्डेय )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आरक्षण के जातिगत व्यवस्था खत्म की जाय। आरक्षण किसे मिले यह जाति नहीं बल्कि आर्थिक स्थिति के आधार तय हो। ऐसा होने पर ही आरक्षण का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा। यह बातें आरक्षण संशोधन आंदोलन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने सोमवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि उनकी समिति आरक्षण की विरोधी नहीं है बल्कि वह चाहती है कि आरक्षण का लाभ हर गरीब व्यक्ति को मिलना चाहिए वह चाहे किसी भी जाति या धर्म का हो। राकेश मिश्रा ने कहा कि आरक्षण की जातिगत व्यवस्था का लाभ दलित और पिछड़े वर्ग के केवल उन्हीं लोगों को मिल रहा है जो संपन्न हैं। वास्तव में जिन्हें इसकी जरूरत है वह इसके लाभ से वंचित हैं। आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति होने से खुद ब खुद दलित और पिछड़े वर्ग के लोग इससे लाभान्वित होंगे क्योंकि सर्वाधिक गरीब इन्हीं वर्गों से आते हैं। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि आरक्षण की जातीय व्यवस्था को समाप्त करने के लिए वह अहिंसात्मक रूप से किसी भी स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। प्रेस वार्ता में मौजूद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त सचिव प्रशासन व इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष प्रियदर्शी त्रिपाठी ने कहा कि हमारी लड़ाई समाज और देश के हित में है। आरक्षण की जातीय व्यवस्था से हर वर्ग के लोग पीड़ित हैं, इसलिए आंदोलन से जुड़ेंगे और आंदोलन सफल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण को हमारे राजनेताओं ने वोट बैंक के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। इसे लेकर उनकी मंशा समाज हित की कम ही रही। पत्रकार वार्ता में इविंग क्रिश्चियन कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्रा, एससी बहादुर, एनसीपी सेवादल के कमलेश पाण्डेय और इविंग क्रिश्चियन कॉलेज के पूर्व उपाध्यक्ष दुर्गेश द्विवेदी भी उपस्थित रहे।

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