फ़िल्म मेकिंग कार्यशाला के चौथा दिन बताया कि किसी चरित्र को पकड़ने के लिये आपको अपने ही इर्द-गिर्द के चरित्रों को देखना-समझना चाहिए

(अनुराग शुक्ला)प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। “सीमा आर इंटरप्राइजेज” के बैनर तले मुंशीराम की बगिया में “फ़िल्म मेकिंग एवं अभिनय कार्यशाला” में चौथे दिन विशेषज्ञ निर्माता निर्देशक राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि किसी भी क्षेत्र मे सफलता पाने के लिए अपको एक लक्ष्य सुनिश्चित करके समर्पण जुनून के साथ लगकर तपस्या करनी होती है। इसके लिये प्रारंभिक स्तर पर आको स्थिर होकर अपना काम करना होगा।इसके साथ किसी चरित्र को पकड़ने के लिये आपको अपने ही इर्द-गिर्द के चरित्रों को देखना-समझना चाहिए।हंसना-रोना जैसे विभिन्न भावों को भी कितने प्रकार से किया जा सकता है,यह जागरुकता और उसको अपने मन-मस्तिष्क में धारण कर चरित्र की आवश्यकतानुसार उसे प्रकट करना आना चाहिए।वरिष्ठ समाजसेवी एवं अभिनेता कुमार नारायण ने अपना अनुभव साझा किया।मौके पर वरिष्ठ सर्जन डा0 प्रियकांत पाठक ने भी अपनी सद्भावना प्रकट की।कार्यशाला मंडल के वरिष्ठ सदस्य योगेन्द्र कुमार मिश्रा ने सभी का स्वागत तथा अर्चना गुप्ता ने आभार प्रकट किया।नये प्रतिभागी धीरे-धीरे खुल रहे हैं और अपनी प्रतिभा कार्यशाला में प्रकट कर रहे हैं।



